5 Years of Demonetisation: जानिए आज 5 वर्षो बाद कितना सफ़ल हुआ Modi सरकार का नोटबंदी प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से 5 साल पहले इसी दिन नोटबंदी का ऐलान किया था, जिसने सबको चौंका दिया था।

 
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आज ही हुई थी नोटबंदी।

Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से 5 वर्ष पूर्व आज ही के दिन यानी 8 नवंबर 2016 को रात 8:00 बजे नोटबंदी की ऐलान किया था। इस एलान को सुनने के बाद पूरे देशभर में अफरा-तफरी सी मच गई थी। ऐसा शायद पहली बार हुआ होगा कि गुप्त रूप से विमुद्रीकरण की घोषणा की गई थी।


सरकार का प्लान:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की थी। जीत के पहले और जीत के बाद भी उन्होंने कालेधन पर कई बार खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह काले धन की वजह से आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इसी निर्णय पर अमल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। बताया जाता है कि नोटबंदी का मुख्य कारण नगदी की कटौती करना था। लेकिन नोटबंदी के 5 साल बाद भी यह लगातार बढ़ रहा है और खत्म होने के बाद भी आज लोगों के पास अभी भी रिकॉर्ड तोड़ कैश जमा है।

क्या है हालात:

जिस इरादे से नरेंद्र मोदी सरकार ने नोट बंदी का फैसला लिया था। आज वही इरादा पूरा उल्टा पड़ गया। 5 साल पहले खबरों के मुताबिक लोगों के पास लगभग 17 लाख करोड़ रूपया कैश जमा था, जो बीते 5 सालों में बढ़कर 28.3 लाख करोड़ हो गया है, जो इसका लगभग 50% से भी ज्यादा है।

क्या था मक़सद:

सरकार का एक मकसद नगदी की कटौती करना था, तो दूसरा भ्रष्टाचार एवं आतंकवादियों को फंडिंग रोकना भी था। बताया जाता है कि भारतीय मुद्रा से आतंकवादियों को टेरर फंडिंग की जाती थी। इसकी वजह से वह भारत में महीनों-सालों आराम से रहते थे और बम धमाके जैसे अप्रत्याशित कार्यों को अंजाम देते थे।

नोटबंदी के बाद सरकार ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का मूल मंत्र दिया। जिसके बाद अब सभी रिकॉर्ड सरकार ऑनलाइन जमा करती हैं। लेकिन जब नकदी की कटौती  में ही कमी नहीं हुई, तो बाकी सब निर्णय पर लोग कैसे अमल करेंगे।

कितना हुए लोग परेशान:

नोटबंदी लगने के बाद सबसे बड़ा दुख आम आदमी को झेलना पड़ा। आम आदमी इससे बड़ा ही परेशान हुआ, क्योंकि 500 और 1000 के नोट ही बंद कर दिया गए थे। जिसकी वजह से उसे बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक ने भी चार हजार के ऊपर कैश लिमिट लगा दी थी। इसलिए केवल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने वालों को ही फायदा हो रहा था, बाकी लोगों को परेशानी।

500, 1000 बंद, 200 और 2000 के नोट लागू:

सरकार द्वारा जब नोटबंदी लगाई गई तो 500 और 1000 के नोटों को संपूर्ण रूप से बैन कर दिया गया था। खैर, सरकार द्वारा इन्हें बदलने के लिए समय सीमा दी गई थी, लेकिन अंततः इन्हें पूर्ण रूप से बैन कर दिया गया था। सरकार ने 500 के नए नोट निकाले और 1000 रुपए के नोट को बंद कर दिया। वहीं सरकार ने ₹200 और ₹2000 के भी नए नोट निकालें, जो अब तक चलन में है।