India में चल रहा है Cryptocurrency का फ़ैशन, भारतीयों ने किया Crypto में 10 अरब डॉलर का निवेश

बिटकॉइन और ईथर जैसे क्रिप्टो करेंसी पर भारतीय मूल के निवासी, अपना निवेश जमकर कर रहे हैं। यह निवेश की धनराशि लाख-करोड़ नहीं बल्कि 10 अरब डॉलर से भी ज्यादा है।

 
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भारतीयों ने क्रिप्टो करेंसी में किया 10 अरब डॉलर का निवेश।

Digital Desk: भारत में क्रिप्टो करेंसी एक फैशन के तौर पर चल रहा है। लेकिन अब बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी को लोग गंभीरता से लेने लगे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीयों ने क्रिप्टो करेंसी में लगभग 10 अरब डॉलर से भी ज्यादा कर निवेश किया है। यह धनराशि बहुत ज्यादा है, आपको बता दें भारतीय मार्केट के मुताबिक एक बिटकॉइन की कीमत लगभग ₹44 लाख़ से भी ज्यादा है, हर दिन इस धनराशि में वृद्धि होती जा रही है।

क्रिप्टो-करेंसी ने बढ़ाई सरकार की चिंता:

जब सरकार और रिजर्व बैंक के सामने इस निवेश की रिपोर्ट सामने आई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रिजर्व बैंक की ओर से यह एक चिंता का विषय बन गया। जिसको लेकर भविष्य पर चर्चा और तेज हो गई है, खबरों के मुताबिक भारत में पूर्ण रूप से क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध लगाना अब संभव नहीं है, इसलिए निवेश विकल्प के रूप में इसे मान्यता दी जा सकती है। लेकिन लेनदेन के इस्तेमाल में कुछ प्रकार की रोक लगाई जाएगी।

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्रिप्टो करेंसी के मुद्दे पर एक खास मीटिंग आयोजित कराई गई थी। इस मीटिंग में रिजर्व बैंक एवं गृह मंत्रालय के लोग भी शामिल थे। मीटिंग का यह विषय था कि क्रिप्टो करेंसी युवाओं को भड़का रही है, जिससे उनका भविष्य चौपट हो सकता है। साथ ही सरकार को इस बात पर ध्यान देना होगा कि यह क्रिप्टो करेंसी आतंकवादियों को टेरर फंडिंग के रूप में इस्तेमाल न की जा सके। तीसरी बात पर यह ध्यान देना होगा कि, इस क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लोग अपनी काली कमाई को सफेद कमाई के रूप में न बना लें।

सरकार लेगी सख़्त फैसला:

क्रिप्टो करेंसी के अनियंत्रित और और पारदर्शी होने के कारण सरकार इस पर सख्त कदम उठाना चाहती है। उसकी मंशा क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी कंपनियों एक्सचेंज और प्लेटफार्म पर बैन लगाने का भी है। जहां निवेशकों को मोटे रिटर्न के दावे से लगाया जाता है, फिर उनके साथ ठगी की जाती है। क्रिप्टो करेंसी से जुड़े उद्योग और संगठन भारतीय प्राधिकरण के बीच भरोसा जगाने की कोशिश में लगे हुए हैं। वे चाहते हैं कि क्रिप्टो करेंसी को दर्जा देने के बजाय उन्हें संपत्ति के रूप में मान्यता दे दी जाए। जिस पर सरकार भी गंभीरता से विचार कर रही है और जल्दी क्रिप्टो करेंसी की लेनदेन पर पूरी तरह के प्रतिबंध का फैसला लगा सकती है। लेकिन इसे सोने, शेयर और बांड जैसी संपत्तियों के रूप में मान्यता दी जा सकती है। 1 नवंबर तक भारतीयों द्वारा क्रिप्टो करेंसी में लगभग 75000 करोड रुपए का निवेश किया गया है। जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चिंता जताई है।

भारत सबसे आगे:

बताया जा रहा है कि, क्रिप्टो करेंसी के निवेश में भारत सबसे आगे है जिसमें लगभग 10 हज़ार अरब डॉलर का निवेश किया है। वहीं उसके बाद अमेरिका ने 2 अरब डॉलर का, रूस ने 1.74 अरब करोड़ डॉलर का और नाइजीरिया ने 1.3 अरब करोड डॉलर का।