PF Account Holder's के लिए EPFO द्वारा आया यह बड़ा अपडेट, जल्द ही कर लीजिए यह ज़रूरी काम

पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए अब ईपीएफओ द्वारा एक बड़ी सुविधा प्रदान की जा रही है, अब आप घर बैठे ही अपने ही नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

 
image source : DNA
अब घर बैठें ही निपटा लीजिए सभी काम।
Digital Desk: केंद्रीय भविष्य निधि संगठन अपने सब्सक्राइब उसके लिए कई सारी सुविधा देता है। लेकिन आजकल ईपीएफओ के सब्सक्राइबर इससे जुड़े सभी काम ऑनलाइन निपटा सकते हैं। इसी तरह आप भी अब घर बैठे ईपीएफओ की वेबसाइट पर यह काम आसानी से जाकर कर सकते हैं। अगर आपकी यादों की सभी सुविधाओं का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपको अपना नॉमिनेशन करना होगा। इसके लिए ईपीएफओ के दफ्तर जाने की भी जरूरत नहीं है, आज हम आपको बताएंगे कि घर बैठे ही नॉमिनेशन करने का तरीका कितना आसान और सरल है।

EPFO द्वारा ट्वीट:

• ईपीएफओ ने ट्वीट करके बताया कि, यदि कोई ईपीएस सदस्य वर्तमान ईपीएफ/ईपीएस नामांकन बदलना चाहता है, तो वह नामांकन फाइल कर सकता है। नए ईपीएस/ईपीएस नामांकन पूर्व में किया गया नामांकन रद्द हो जाएगा। इस सुविधा के लिए बस आपको ईपीएफओ द्वारा प्रदान की गई वेबसाइट पर जाना पड़ेगा जो नीचे दी गई हैं।


वेबसाइट:

www.epfindia.gov.in

ई-नामांकन के लिए आगे की प्रक्रिया:

• आगे की प्रक्रिया में जब आप वेबसाइट पर जाएंगे तो आपको Services नाम का एक ऑप्शन दिखेगा, सर्विसेज नाम के ऑप्शन पर क्लिक कर दीजिए।

• सर्विसेस पर जाएंगे तो आपको फॉर एम्पलाई का ऑप्शन दिखेगा, फार अप्लाई पर क्लिक कर दीजिए।

• मेंबर यूएएन/ ऑनलाइन सर्विसेज पर क्लिक कर दीजिए, जिससे आपकी नामांकन पारी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

• इसके बाद फैमिली डिटेल में नॉमिनेशन वाले व्यक्ति की सभी डिटेल डाल दीजिए।

• अब आपके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसके बाद यह आपका प्रोसेस पूरा हो जाएगा।

क्या है EPFO?

ईपीएफओ अपने सब्सक्राइबर को उनकी रिटायरमेंट पर फंड और पेंशन की सुविधा देता है। सब्सक्राइबर की मृत्यु होने के बाद उसके परिवार वालों को फैमिली पेंशन और इंश्योरेंस का धन मिल जाता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर ईपीएफ अकाउंट से रुपए भी निकाले जा सकते हैं।

हाल ही में ईपीएफओ की ई.डी.एल.आई स्कीम से सब्सक्राइबर के लिए इंश्योरेंस का बेनिफिट बढ़ा दिया गया है। जो 2.5 लाख रुपए से बढ़कर 7 लाख़ हो गया है, पहले यह लिमिट ₹2 लाख़ से ₹6 लाख़ तक थी।