दशकों बाद बन रहा है ऐसा संजोग, 26 दिसंबर "भानू सप्तमी" के दिन करिए यह ख़ास उपाए

इस बार 14 वर्षों बाद पोष मास के रविवार और सप्तमी तिथि को सहयोग 26 सितंबर यानी कि इस रविवार को बन रहा है।

 
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करिए यह खास उपाए।

Digital Desk: इस बार दशकों बाद ऐसा संजोग चल रहा है, जिससे आपके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली ले आ सकता है। ऐसा खास सहयोग संजोग रविवार के दिन लगभग 14 वर्षों बाद पड़ रहा है। इससे पहले 30 दिसंबर 2007 को ऐसा संजोग बना था और रविवार को पोष महीने में कृष्णपक्ष की सप्तमी थी। अगर कल इस खास पर्व पर पूजा नहीं की तो अब ऐसा संजोग 3 वर्षों बाद यानी 22 दिसंबर 2024 को पड़ेगा। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में कुछ आगे लाना चाहते हैं, तो अभी इनको उपाए को करें।

क्या है खास उपाए:

• उगते हुए सूरज को अर्घ्य देना काफी खास माना जाता है।

• इस दिन सूर्योदय से पहले नहाने के बाद तांबे के लोटे में शुद्ध जल भर लीजिए और लोटे में लाल चंदन, लाल फूल, चावल और कुछ गेहूं के दाने डाल दीजिए।

• ॐ घृणि सूर्याय नमः , इस खास मंत्र को बोलिए और उगते हुए सूरज को लोटे से जल चढ़ा दीजिए। इसके बाद भगवान भास्कर को नमस्कार करिए।

• गायत्री मंत्र का जाप करिए और हो सके तो आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें, इसके अलावा भगवान सूर्य के 12 नामों का जाप भी कर सकते हैं।

खास सूचना:

• सूर्य के सामने बैठकर बिना नमन नमक का व्रत करने का संकल्प लीजिए। संभव हो तो पूरे दिन तांबे के बर्तन में पानी पीजिए। पूरे दिन व्रत रखें और फलहार में नमक डालकर मत खाइए।

• ऐसे समय अगर आप भोजन भी करते हैं तो उसमें नमक का इस्तेमाल मत करिए। सूरज देव अरग देने के बाद श्रद्धा अनुसार भोजन वस्त्र या कोई भी उपयोगी वस्तु किसी गरीब व्यक्ति को दान कर दीजिए।

• गाय को चारा डालिए और अन्य पशु पक्षियों को भी खाने की वस्तु खिलाइए। अपनी इच्छा अनुसार जरूरतमंद व्यक्तियों को दान दीजिए।

बीमारी होगी दूर:

• भानु सप्तमी पर सूर्य को जल चढ़ाने से बुद्धि का विकास होता है और मानसिक शांति भी मिलती है।

• सूर्य देव की पूजा करने से मनुष्य को सभी रोगों से मुक्ति मिलती है और भानु सप्तमी के दिन धारण पूर्ण करने से लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं।

• पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ इस व्रत को करने से पिता और पुत्र में प्रेम बनता है। इसीलिए दिन दान पूर्ण भी करना चाहिए।