Makar Sankranti को क्यों बोला जाता है "Khichdi", जानिए इस पर्व का ख़ास महत्व

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व भारत में अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। इसीलिए उत्तर भारत में ऐसे खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है। क्योंकि इस दिन खिचड़ी बनाने और दान करने की परंपरा है।

 
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मकर संक्रांति पर खिचड़ी और तिल के दान का महत्व।


Digital Desk: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का महापर्व सूर्य की साधना एवं आराधना का महापर्व माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में सूर्य देव अकेले ही बलवान हो तो वह बाकी सात ग्रहों के दोष को दूर कर देते हैं। ऐसे में मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की साधना और उनसे संबंधित चीजों का दान अत्यंत ही कल्याणकारी माना जाता है।

मकर संक्रांति (Makar Sankaranti) के पर्व पर तिल और तेल के साथ खिचड़ी का दान देना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन किया जाने वाला दान पुण्य जन्म के 100 गुनासुख और सौभाग्य प्रदान आपको करता है। आइए जानते हैं कि, इस पर्व को khichdi पर्व क्यों कहा जाता है।

ख़ास महत्व:

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के पर्व खिचड़ी बनाकर खाने और लोगों को उसे प्रसाद के रूप में खिलाने की परंपरा का संबंध उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर से है, जिसकी शुरुआत कभी वहां पर बाबा गोरखनाथ ने शुरू की थी। ऐसी मान्यता है कि खिलजी के आक्रमण के समय जब नाथ योगी संघर्ष कर रहे थे, तब उनके पास अक्सर खाना बनाने का समय नहीं मिलता था। जिसके कारण वे अक्सर भूखे रह जाने के कारण कमजोर होते जा रहे थे। ऐसे में बाबा गोरखनाथ में समस्या का समाधान निकालते हुए योगियों को दाल, चावल और सब्जी को एक साथ पकाने की सलाह देते हैं। शीघ्र ही आसानी से बनाए जाने वाला यह व्यंजन सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि परित उर्जा देने वाला भी होता है। ऐसे में इस व्यंजन से नाथ योगियों को भूख की परेशानी से राहत मिल गई और वे खिलजी के आतंक को दूर करने में भी सक्षम रहे।

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दान का महत्व:

मकर संक्रांति पर खिचड़ी के दान का महत्व भी कुछ इसी तरह महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन की चावल और दाल का दान करने और खाने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। चावल और काली उड़द की दाल से मिलकर बनने वाली इस की जोड़ी को दान देने से शनि संबंधित दोष दूर होते हैं। जबकि चावल और जल का संबंध चंद्रमा से होता है, जो मनुष्य को अक्षय फल प्रदान करता है। हल्दी देव गुरु बृहस्पति से और हरी सब्जी बुध ग्रह से होता है, ऐसे में खिचड़ी का ध्यान देने से इन सभी ग्रह नक्षत्र से छुटकारा मिलता है।