असफलता की 4 सीढ़ियों के बाद इंटरनेट के माध्यम से हासिल हुई सफलता, बनीं IAS

IAS अधिकारी संजिता मोहपात्रा के UPSC एस्पिरैंट से लेकर आईएएस अधिकारी बनने के सफर में इंटरनेट ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इंटरनेट की मदद से सफलता पाकर ये साबित कर दिया की इंटरनेट के माध्यम से स्टूडेंट्स सिर्फ भटकते ही नहीं हैं, बल्कि कामयाब भी हो सकते हैं।  हालाकिं अपनी तैयारी के दौरान उन्हें 4 बार असफलता का सामना भी करना पड़ा। लेकिन कहते हैं ना, अंत भला तो सब भला।
 
Source: zeenewshindi
तैयारी के शुरुआती वर्षों में वो प्रीलिम्स में भी सफलता प्राप्त नहीं कर पाईं।  लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, नौकरी के साथ साथ वह तैयारी को ज़रूरी समय नहीं दे पाती थी इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और पूरा ध्यान पढ़ाई में लगा दिया।  


नई दिल्ली: UPSC यानि की संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस एग्जाम देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कठिनतम परीक्षाओं में से एक है।  इसमें सफलता हासिल कर पाना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि होती है।  सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है।  दुनिया दारी से परे हट कर उन्हें तपस्या रुपी पढ़ाई करनी होती है। अक्सर ऐसे स्टूडेंट्स के मन में यह रहता है और यह सुना भी गया है कि इंटरनेट की वजह से उनका ध्यान तैयारी से भटकता है। लेकिन अगर कोई स्टूडेंट उसी ध्यान भटकाने के माध्यम को पढ़ने का ज़रिया बना ले तो फिर बात ही कुछ अलग हो जाए।  आज हम ऐसी ही एक आईएएस अधिकारी बात करने वाले हैं, जिन्होंने कुछ अलग तरह से तैयारी कर सफलता की सीढ़ी पर कदम रखा। 

आईएएस अधिकारी संजिता मोहपात्रा के UPSC एस्पिरैंट से लेकर आईएएस अधिकारी बनने के सफर में इंटरनेट ने अहम भूमिका निभाई है।  उन्होंने इंटरनेट की मदद से सफलता पाकर ये साबित कर दिया की इंटरनेट के माध्यम से स्टूडेंट्स सिर्फ भटकते ही नहीं हैं, बल्कि कामयाब भी हो सकते हैं।  हालाकिं अपनी तैयारी के दौरान उन्हें 4 बार असफलता का सामना भी करना पड़ा। लेकिन कहते हैं ना, अंत भला तो सब भला। आखिर पांचवी बार में उन्हें सफलता मिल ही गई।  

पेशे से इंजीनियर 
वैसे सिविल सर्विस की सफलता संजिता के जीवन पहली सफलता नहीं है।  इससे पहले उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech में स्नातक  की डिग्री प्राप्त की है और इसमें कोई दो राय नहीं की IIT की परीक्षा में सफल हो पाना भी कितनी बड़ी बात होती है। वह ओडिशा के राउरकेला की रहने वाली हैं। अपनी शुरूआती शिक्षा उन्होंने ओडिशा से ही पूरी की है।  

कई बार असफलता का चखा स्वाद तब हुईं सफल 
संजिता मोहपात्रा बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनाना चाहती थी।  इसलिए उन्होंने बिना देरी किये स्नातक की डिग्री के बाद तैयारी शुरू कर दी।  तैयारी के शुरुआती वर्षों में वो प्रीलिम्स में भी सफलता प्राप्त नहीं कर पाईं।  लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। नौकरी के साथ साथ वह तैयारी को ज़रूरी समय नहीं दे पाती थी इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और पूरा ध्यान पढ़ाई में लगा दिया।  

शादी ने बदल डाली ज़िन्दगी 
यूपीएससी की तैयारी के बीच ही संजिता की शादी हो गई।  और जैसा कि हम सभी जानते हैं, शादी के बाद जीवन में कई बदलाव आते हैं। ख़ास तौर से महिलाएं फिर घर गृहस्थी की ही होकर रह जाती हैं।  लेकिन संजिता ने अपनी शादी को अपने सपनों के बीच नहीं आने दिया।  उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। शादी के बाद चौथे प्रयास में भी वह प्रिलिम्स के आगे ना पहुँच पाईं।  अंततः वर्ष 2019 में उन्होंने पांचवी बार यह परीक्षा दी और सफलता अपने नाम किया।

तैयारी के दिन   
बकौल संजिता, उन्होंने इस परीक्षा के लिए दिन रात बहुत मेहनत की थी।  इस दौरान उन्हें सबसे ज़्यादा मदद इंटरनेट से मिली। इसके आलावा उन्होंने NCERT की किताबों पर बहुत ध्यान दिया और वहां से अपना बेस स्ट्रांग किया।  तैयारी के लिए वह अखबार डेली पढ़ा करती थीं।  अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट सोशियोलॉजी के लिए उन्होंने कुछ वक़्त कोचिंग भी ली थी। साथ ही उन्होंने इंटरनेट की सहायता से एजुकेशनल एप्स से भी तैयारी की। लेकिन उनकी सफलता का असली श्रेय वह सेल्फ स्टडी को देती हैं।  आखिरकार उन्होंने मेहनत और लगन से अपने बचपन का सपना पूरा किया।   

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