सेहत अच्छी कैसे बनाएं : शरीर में दिखाई दे ये लक्षण तो तुंरत जाए डॉक्टर के पास

अत्यधिक शराब पीना, तंबाकू खाना या धूम्रपान के अलावा प्रदुषित वातावरण, केमिलकल युक्त प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल और बात बात पर दवा खाना भी है कैंसर के कारक  
 
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भारत में 2020 में कैंसर के 13.9 लाख मामले थे और यह आंकड़ा 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंचने की संभावना है।

डिजिटल डेस्क: ऐसा कहा जाता है कि अत्यधिक शराब पीना, तंबाकू खाना या धूम्रपान करना कैसंर के कारण होता है लेकिन केवल यह ही नही बल्कि खाने में लापरवाही, प्रदुषित वातावरण केमिलकल युक्त प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल और बात-बात पर दवा खाना ये सब भी कैंसर के कारक है।

वैसे तो कैंसर एक खतरनाक बीमारी है लेकिन आजकल के समय में यह भी आम समस्या बन गई है। क्योंकि आए दिन किसी ना किसी के कैंसर से ग्रसित होने की खबर हम सुनते ही है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है- चाहे वह गला हो, ब्रेस्ट, मुंह, ब्रेन, फेफड़ा आदि। दुनिया में लाखों लोग हर साल कैंसर के कारण अपनी जान गवां देते हैं। भारत में तो 2020 में कैंसर के 13.9 लाख मामले थे और यह आंकड़ा 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंचने की संभावना है।

ऐसे में आज हम आपको गले के कैंसर कुछ लक्षणों के बारें में बताने जा रहे है जो ना ही सिर्फ सांस नली को खराब करता है बल्कि इसकी वजह से मरीज के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता और गले के आकार में भी बदलाव आ जाते है। 

गले के कैंसर के लक्षण

लगातार कान में दर्द या सुनने में परेशानी,गर्दन में गांठ महसूस होना, आवाज में बदलाव महसूस होना, मुंह या फिर जीफ में सूजन, किसी भी चीज को निगलने में तकलीफ, चेहरे के आसपास की स्‍क‍िन कलर में फर्क नजर आना जैसे कई मामुली लक्षण कैंसर के ओर संकेत करते है। अगर ऐसे लक्षण आपको दिखाई दे बीना देर किए आप डॉक्टर के पास जाए उचित परामर्श और इलाज करवाएं।

गले के कैंसर का इलाज-

गले के कैंसर का इलाज डॉक्टर कई तरह से करते है जैसे- विकीकरणथेरेपी, कीमोथेरेपी, सर्जरी, दवाएं लेकिल कभी कभी बीमारी के बारें जल्द पता लग जाने पर इसका इलाज आसान और कम खर्चीला होता है।