Dengue Treatment : डेंगू बुखार के लिए संजीवनी है आपके घर में मौजूद यह देसी फल

प्रदेश में डेंगू बुखार सुरसा की तरह अपने पाँव पसार रहा है
 
पपाया
पपीते का रस कड़वा जरूर होता है लेकिन यह औषधि डेंगू के मरीज की जान बचाने में संजीवनी बूटी


उत्तर प्रदेश, डिजिटल डेस्क: डेंगू एक विषाणु से होने वाली बीमारी है जो एडीज एजिप्‍टी नामक संक्रमित मादा मच्‍छर के काटने से फैलती है, वैसे तो डेंगू एक तरह का वायरल बुखार होता है लेकिन कई बार डेंगू बहुत खतरनाक साबित होता है। अगर इसकी पहचान और उपचार समय पर ना किया जाए तो यह घातक हो सकता है। वैसे तो डेंगू होने पर सबसे बेहतर है कि आपक डॉक्टर से सलाह लेकर ही समय पर दवा और इलाज करें। लेकिन इसके अलावा भी हम आपको एक ऐसा देसी उपाय बताने जा रहे है जो कड़वी जरूर है लेकिन इसका कड़वापन ही हमारे शरीर में प्रवेश कर चुके वायरस से लड़ता है और उसका काम तमाम कर देता है।

आज जब की पूरे प्रदेश में डेंगू बुखार सुरसा की तरह अपने पाँव पसार रहा है ऐसे में दादी- माँ का एक घरेलू उपाय डेंगू बुखार से निजात दिला सकता है।

लखनऊ के प्रसिद्ध डॉ. के. के. जौहरी का कहना है कि डेंगू एक हड्डी तोड़ बुखार है। जिसमें तेज बुखार और दर्द मरीज को बेहाल कर देता है। ऐसे में एक अचूक उपाय डेंगू बुखार से लड़ने और प्लेटलेट्स बढ़ाने में बहुत उपयोगी है।

इन आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार डेंगू बुखार में पपीते की हरी पत्तियों को कुचल कर उसका रस निकाल लें और उस ताजे रस को एक से दो चम्मच तक मरीज को पीने के लिए दें।

यह पपीते का रस कड़वा जरूर होता है लेकिन यह औषधि डेंगू के मरीज की जान बचाने में संजीवनी बूटी की तरह कार्य करती है। इसीलिए तो लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया लोगों से अपने घरों में अथवा आसपास आरोग्य वाटिका का विकास करने के लिए कहती हैं।

इस आरोग्य वाटिका में गिलोय, पपीता और तुलसी आदि वनस्पतियों को लगाया जाना चाहिए। क्योंकि यह वनस्पतियां  वर्तमान महामारी में जीवनदायिनी सिद्ध होती है।

लेखक- शरद कुमार वर्मा