गया स्टेशन पर मिर्ज़ापुर के 2 युवक गिरफ़्तार, साथ में था 6 किलो का सोने का बिस्कुट, कीमत 3 करोड़ से ज़्यादा

गया स्टेशन पर मिर्ज़ापुर के दो भाई सोने के बिस्कुट के साथ पकड़े गए। जिनकी कीमत लगभग ₹6 करोड़ से भी ऊपर की है।

 
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रेलवे सुरक्षा बल और राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने उन्हें दो अलग ट्रेन से पकड़ा।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: गया रेलवे स्टेशन पर डीआरआई आरआरबी ऑफिस मंगलवार सुबह कालका और शिवा एक्सप्रेस ट्रेन से मिर्ज़ापुर के दो युवकों को 3-3 किलो सोने के बिस्कुट के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों युवक कटरा कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले थे और वासलीगंज स्थित एक सोने की दुकान पर काम करते थे। बरामद हुए सोने की बिस्किट की कीमत बाजार में लगभग दो करोड़ 88 लाख रुपए की बताई जा रही है। पटना की डायरेक्ट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और हर बीएफ कि मुखबिर को जब सूचना मिली की ट्रेन में दो लोग सोने का सामान लेकर जा रहे हैं। यह दोनों व्यक्ति दो अलग ट्रेन में बैठकर जा रहे थे और जब टीम ने छापा मारा तो एक को शिवा एक्सप्रेस और दूसरे को कालका एक्सप्रेस से गया रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया।

चोर-चोर चचेरे भाई:

बिहार के गया जंक्शन पर उत्तर प्रदेश मिर्ज़ापुर देहात के दो चचेरे तस्कर भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके पास लगभग 3 करोड रुपए की कीमत का सोना बरामद हुआ। रेलवे की टीम ने इन दोनों को अलग-अलग ट्रेनों से गिरफ्तार किया।

विस्तार:

यह दोनों युवक आपस में एक दूसरे के भाई लगते हैं और यह दोनों ही मिर्ज़ापुर के निवासी हैं। इनके पास 3 किलों के सोने बरामद हुए जिसकी अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ के आसपास की बताई जा रही है। डीआरआई की टीम इनसे पूछताछ करने के लिए इन्हें पटना ले गई है। संयुक्त टीम ने मंगलवार को 1:00 बजे के आसपास शिवा एक्सप्रेस में छापा मारकर रामेश्वर प्रसाद पुत्र गोलंबर प्रसाद के पास से 3 किलो का सोना बरामद किया, वही डीआरआई पटना टीम ने गाड़ी संख्या 12311 हावड़ा कालका एक्सप्रेस में छापा मारा और लगभग 5:00 बजे के आसपास रामधनी पुत्र बीपत निवासी मिर्ज़ापुर के पास से 3 किलो का सोना बरामद किया।

दोनों रेल यात्रियों के पास से कुछ 6 किलो का सोना बरामद किया गया है। रेलवे टीम के मुताबिक बरामद किए हुए सोने की कीमत लगभग तीन करोड़ के आसपास है। बरामद किए गए सोने के बारे में आवश्यक कानूनी कार्यवाही डीआरआई पटना की टीम द्वारा की जा रही है। इस मामले की कार्यवाही में गया आरपीएफ के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर एवं एसआई मौजूद थे। इसके अलावा डीआरआई पटना के वरिष्ठ अध्यक्षक अधिकारी एवं अन्य अधिकारी भी छापेमारी में मौजूद रहे।