Ramazan News: आठ वर्षीय बालक ने दुआओं में माँगी मुल्क की सलामती

नन्हें रोजेदार असलाफ से पूछे जाने पर कि आप दुआओं में क्या मांगते हैं, उसने बताया कि मुल्क की सलामती व सौहार्द के लिए दुआएं मांगते हैं।

 
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मुस्लिम समाज के लोगों के लिए यह बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: मिर्ज़ापुर (Mirzapur) में आठ वर्षीय असलाफ ने माहे रमजान की 19 रोजा में से 17 रोजा मुकम्मल किया। क्षेत्र के महबूब नगर मौजा खुटहा निवासी असलाफ पुत्र आबिद अंसारी अपने आठ वर्ष की उम्र में तपती धूप में भूख-प्यास बर्दाश्त कर रमजान की सत्रह रोजे रखकर मिसाल कायम की है।

घरवालों के मना करने पर असलाफ ने तीन रोजे छोड़े तो जरूर, मगर नन्हें रोजेदार का मन नहीं लगा तो उसने पुन: रोजा रखना शुरू कर दिया, माहे रमजान बरकतों वाला महीना है। मुस्लिम समाज के लोगों के लिए यह बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है। रमजान मुबारक में लोग रोजा रखते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और नामाज अदा करते हैं । रोजा खोलने से पूर्व जो कोई रोजेदार जो दुआएं मांगता है, उसकी दुआएं पूरी होती हैं।

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मुल्क की सलामती:

नन्हें रोजेदार से पूछे जाने पर कि आप दुआओं में क्या मांगते हैं, उसने बताया कि मुल्क की सलामती व सौहार्द के लिए दुआएं मांगते हैं। रोजे रखे जाने पर दादा मो. मुसा अंसारी, चाचा एस अंसारी, नसरूद्दीन, मोहम्मद्दीन,अब्दुल कलाम अंसारी के साथ पास पड़ोस के सभी लोगों ने मुबारक बाद दिया।