Mirzapur News: लंदन में रह रही प्रियंका के नाम से राजकीय विद्यालय में नौकरी कर रही थी दूसरी प्रियंका, सालों तक चला फर्ज़ीवाड़ा

एक गुमनाम चिट्ठी में प्रियंका यादव के प्रियंका प्रजापति के नाम से फर्जी तरीके से नौकरी करने का जिक्र किया गया था

 
लंदन में रहने वाली प्रियंका
गुमनाम पत्र के द्वारा प्रियंका का भंडाफोड़ हुआ।


मिर्ज़ापुर, Digital Desk: मिर्ज़ापुर (Mirzapur) में एक हैरान करने वाली खबर सबके सामने आई। जहां पर लंदन में रह रही एक युवती के नाम से दूसरी युवती राजकीय विद्यालय में नौकरी कर रही थी। यह सिलसिला एक-दो दिन नहीं महीनों नहीं, बल्कि 8 साल तक चला। प्रियंका यादव ने प्रियंका प्रजापति के फर्जी दस्तावेज बनाकर नौकरी हासिल की थी। 8 साल की नौकरी में उसने लगभग ₹39 लाख़ की सैलरी भी उठा ली है।

गुमनाम पत्र (Mirzapur Priyanka fake teacher job news) के द्वारा प्रियंका का भंडाफोड़ हुआ। संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल को 2021 में एक गुमनाम पत्र मिला। जिसमें प्रियंका यादव के प्रियंका प्रजापति के नाम से फर्जी तरीके से नौकरी करने का जिक्र किया गया था। पत्र में यह बताया गया कि शिक्षा विभाग में नौकरी कर रही प्रियंका प्रजापति पुत्र मनोज प्रजापति नहीं है, बल्कि प्रियंका यादव पुत्री अजमेर यादव है और वह मिर्ज़ापुर की नहीं कन्नौज की रहने वाली है।

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अधिकारियों ने जांच को सही पाया और तत्काल प्रभाव से शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है। इसके बाद अब आगे की कार्यवाही की जाएगीम साथ ही इस मामले को पुलिस के हाथ में सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि कन्नौज की प्रियंका 2014 से यहां नौकरी कर रही थी। फर्जी कागजों का इस्तेमाल करके प्रियंका ने उर्दू के टीचर के पद पर नौकरी हासिल की थी और यह फर्जीवाड़ा पिछले 6 सालों से नौकरी हासिल की थी। जिसके बाद अब लंदन वाली प्रियंका के पिता ने कन्नौज पुलिस अधीक्षक से शिकायत करके आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।