पिटाई मामले में भारी विरोध के बाद लालगंज थानाध्यक्ष को किया गया लाइन हाज़िर

बीतें दिनों दो युवकों के बीच मारपीट हुई, जिसमें युवक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्राइवेट पार्ट में डंडा डालकर मारा। ऐसे में उन्होंने नेता रमाशंकर पटेल को भी इस मामले में घसीट लिया था।

 
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कोर्ट ने दिया मेडिकल कारने का आदेश।


मिर्ज़ापुर, Digital Desk: लालगंज थाने में दो युवकों की पिटाई का मामला कोर्ट के आदेश पर बुधवार को पीड़ितों की मेडिकल जांच कराई। मामले में उनके परिजनों एवं ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा मंगलवार को भारी प्रदर्शन देखने को मिला। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने लालगंज थाना अध्यक्ष हेमंत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। बीते दिनों दोनों पक्ष में जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। इसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को कार से कुचलकर धक्का मारने का आरोप लगाया था। मामले को दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार किए गए लोगों का आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में पुलिस ने उनके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाल कर उनकी पिटाई की। 

इसके बाद मामला तूल पकड़ने लग गया, लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया और मंगलवार को तो ब्राह्मण समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास धरना देकर लालगंज थाना अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, पुलिस अधीक्षक मेडिकल के बाद कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

बुधवार को कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ितों का मेडिकल कराया गया। एक्स-रे नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है कि थानाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

पूरा विस्तार:

दो युवकों के बीच मारपीट और रमाशंकर पटेल पर आरोप:

दरअसल, दो युवकों के बीच संबंध को लेकर एक विवाद चल रहा था। यह विवाद एक संगीन मोड़ ले लेगा, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था। इन दोनों लोगों के बीच के विवाद ने एक राजनीतिक स्वरूप ले लिया। इस विवाद में पीड़ित ने मंत्री रमाशंकर पटेल को भी इस मामले में घसीट लिया। मंत्री रमाशंकर पटेल को घसीटते हुए उसने कहा कि यह सब काम रमाशंकर पटेल ने करवाया है। पुलिस रिमांड में उनके प्राइवेट पार्ट पर डंडा डाल कर बड़ा बेरहमी से ट्रीट किया, जिसके बाद पीड़ित ने रमाशंकर पटेल पर आरोप लगाया।

इस मामले में रमाशंकर पटेल ने अपना बयान देते हुए कहा कि "यह सब विपक्ष की चाल है, इतने सालों से मिर्ज़ापुर में राजनीति कर रहे हैं। आज तक किसी ने उनपर इस तरह का आरोप नहीं लगाया"। उन्होंने अपनी सफाई बताते हुए कहा कि वे दोनों व्यक्ति सपा और कांग्रेस के हो सकते हैं। चुनाव निकट है, टिकट पाने का समय है, ऐसे में कुछ लोग उनकी छवि को धूमिल करना चाहते हैं। रमाशंकर पटेल ने बताया कि उनके ऊपर एक छोटा सा मुकदमा चल रहा है, लेकिन उन्होंने कभी इस तरह का काम नहीं किया है और न कभी करेंगे।

विपक्ष और स्वर्ण समाज का धरना प्रदर्शन:

विपक्ष के नेता और इसमें समाज द्वारा भारी मात्रा में धरना प्रदर्शन पुलिस के खिलाफ किया गया। जिसमें केवल "पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए। पुलिस प्रशासन ने जांच पड़ताल के दौरान गुप्तांग में लाठी डालकर जिस तरह से पीड़ित के साथ किया, उस बात को लेकर जनता के बीच जन आक्रोश है।

वहीं दूसरी तरफ रमाशंकर पटेल और भारतीय जनता पार्टी पर तरह-तरह के लांछन लगाने लगे। विपक्ष के नेता का आरोप है कि, सत्ता में होते हुए रमाशंकर पटेल ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया। जबकि रमाशंकर पटेल ने अपने ऊपर लगे हुए सभी आरोपों को गलत साबित किया। ऐसे में देखा जाए तो इस बात का फायदा विपक्ष भी उठा रहा है।

पुलिस के ख़िलाफ़ जनाक्रोश:

पुलिस ने जिस तरह से पीड़ित के व्यवहार किया इस बात को लेकर जनता के बीच जनाक्रोश देखने को मिला और तत्काल प्रभाव से लालगंज थानाध्यक्ष के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने की माँग की।

पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने लालगंज थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया एवं मेडिकल के बाद थानाध्यक्ष के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने की बात कही है।