NEET Solver Gang Case में पुलिस को बड़ी सफ़लता, गैंग से जुड़े 2 सदस्य मिर्ज़ापुर का कन्हैया और बनारस का क्रांति गिऱफ्तार

पुलिस ने बताया कि कन्हैया सिंचाई विभाग मिर्ज़ापुर में काम किया करता था। वही क्रांति कौशल सुंदरपुर चितईपुर इलाके में एक साइबर कैफे चलाता था।

 
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कन्हैया और क्रांति की मिलीभगत!
Mirzapur, Digital Desk: नीट सॉल्वर गैंग के केस में वाराणसी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पहले मास्टरमाइंड पीके को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद अब 2 लोगों को और गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस को यह पता चला कि, यह लोग नीट सॉल्वर गैंग के साथ-साथ अपना भी एक अलग रैकेट चलाते थे, जिसके जरिए सरकारी परीक्षा में यह लोग मिलकर धांधली करते थे।

वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता:

NEET Solver गैंग का खुलासा सितंबर महीने में हुआ था। इसके बाद वाराणसी पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी, पुलिस ने मास्टरमाइंड को उसके साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया था और पीके को 7 दिन के रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड के दौरान उसने कई सारे खुलासे किए और कमिश्नरेट पुलिस ने उसके आधार पर उसके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से एक व्यक्ति तो सरकारी कर्मचारी निकला है, जिसका नाम कन्हैया है जो मिर्ज़ापुर में सिंचाई विभाग में कार्यरत है।

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने यह बताया कि इस खुलासे के आधार पर कन्हैया लाल सिंह पुत्र स्वर्गीय राम सागर सिंह जो मिर्ज़ापुर जिले का रहने वाला है और उसका एक साथी क्रांति कौशल पुत्र शिव शंकर प्रसाद निवासी सुसुवाही का चंदौली का रहना वाला है। इन दिनों को मवैया थाने के पास सफारी गाड़ी के साथ गिरफ्तार हुआ। पुलिस को इनके बारे में सूचना मिली, और इन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया।

मिर्ज़ापुर के कन्हैया और बनारस के क्रांति की मिलीभगत:

पुलिस ने बताया कि कन्हैया सिंचाई विभाग में काम किया करता था, वहीं क्रांति कौशल सुंदरपुर चितईपुर इलाके में एक साइबर कैफे चलाता था। जिन्हें साथ में सफारी गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आगे बताया कि यह दोनों गिरफ्तार आरोपी नीट परीक्षा से संबंधित सरगना नीलेश और पीके के करीब 5 सालों तक संपर्क में थे। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग नौकरियों की परीक्षा में यह लोग अभ्यर्थियों को जानकारी के माध्यम से पास कराने के लिए दिल्ली, लखनऊ और कानपुर से अलग-अलग साथियों के साथ एक समांतर गैंग संचालित कर रहे थे। इनके पास से कई सारे अभ्यर्थियों के अलग-अलग परीक्षाओं के एडमिट कार्ड बरामद हुए एवं पूछताछ करने के बाद इन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।