मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये वनाधिकार अधिनियम के अन्तर्गत शत प्रतिशत निस्तारण के दिये निर्देश

समीक्षा के दौरान जनपद मिर्ज़ापुर, बलरामपुर, ललितपुर, गोरखपुर, बिजनौर तथा गोण्डा समस्त अस्वीकृत दावो का रिव्यू पूर्ण
 
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वर्तमान में 61324 दावो को रिव्यू किया जाना शेष उन्होने कहा कि अस्वीकृत दावो के पुनरीक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं।


मिर्ज़ापुर:  प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के द्वारा वनाधिकारी अधिनियम 2006 के अन्तर्गत प्राप्त दावो के सापेक्ष लम्बित दावो के निस्तारण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जनपद मिर्ज़ापुर, बलरामपुर, ललितपुर, गोरखपुर, बिजनौर तथा गोण्डा समस्त अस्वीकृत दावो का रिव्यू पूर्ण तथा जनपद चित्रकूट, सोनभद्र, बहराइच, चन्दौली, लखीमपुर खीरी, महराजगंज तथा सहारनपुर द्वारा रिव्यू की कार्यवाही पूर्ण न होने पर नाराजगी व्यक्त की।

 उन्होने बताया कि प्राप्त दावो के सापेक्ष वर्तमान में 61324 दावो को रिव्यू किया जाना शेष उन्होने कहा कि अस्वीकृत दावो के पुनरीक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। यह भी कहा कि अन्य परम्परागत वन निवासियो के लिए वनाधिकार अधिनियिम के तहत अधिकारितो की मान्यता के लिये पात्र होने के लिये दो शर्तो को पूरा करना आवश्यक है।
जिसमें मुख्य रूप से 13 दिसम्बर 2005 के पहले 03 पीढ़ियो (75 वर्ष) के लिये वन में निवास करते हो तथा दूसरा जीविका की जरूरतो के लिये जंगलो पर निर्भर हो। 

उन्होने कहा कि जनपदो में पूर्व जो समितिया गठित की गयी थी वह वर्तमान में कार्यरत नही हैं। वनाधिकार समितियो को अधिनियम के अन्तर्गत दावो को निरस्त करने का अधिकार नही हैं। कई ग्राम सभाओ में ग्राम समितियाॅ गठित भी नही की गयी है जिन्हे अधिनियम उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार गठित किया जाना आवश्यक हैं। अस्वीकृत किये गये दावो के दावेदारो को कारण सहित लिखित रूप से सूचित नही किया गया हैं। जिसके दृष्टिगत अस्वीकृत दावो को पुनः परीक्षण करते हुये दावेदारो को सूचित कर उन्हे पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने का मौका देते हुये कार्यवाही किया जायें। 

 एन0आईसी0 में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, प्रभागीय वनाधिकारी पी0एस0 त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चन्द्र दूबे उपस्थित रहे।


रिपोर्ट- रवि यादव, जिला संवाददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल