Mirzapur News: किला घाट पर मछली पकड़ने गए मछुआरे की गंगा में डूबकर मौत, अभी तक नहीं मिला शव

किला घाट पर मछली पकड़ने के दौरान सोमवार को एक मछुआरे की डूबकर मौत हो गई। बाद दूसरे दिन भी उसकी तलाश जारी रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

 
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20 गोताखोरों ने मंगलवार की सुबह की लगाकर तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: किला घाट पर मछली(fish) पकड़ने के दौरान सोमवार को गंगा में दूबे मछुआरे(fisherman) राधे माझी जिसकी उम्र 40 वर्ष के आसपास होगी, वह बालूघाट का निवासी था। मंगलवार को भी उसकी तलाश चालू रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। बताया जा रहा है कि, 15 से 20 गोताखोर मंगलवार की सुबह से ही गंगा(ganga) में डुबकी लगाकर मछुआरा की तलाश में जुटे रहे, लेकिन देर शाम तक उन्हें सफलता नहीं मिली।

विस्तार:

किला घाट पर मछली पकड़ने के दौरान सोमवार को एक मछुआरे की डूबकर मौत हो गई। बाद दूसरे दिन भी उसकी तलाश जारी रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। डूबा मछुआरा राधे माझी प्रसिद्ध स्थानीय गोताखोर बबुई माझी का सगा भाई था। जब भी कोई गंगा में डूबता है, तो पुलिस प्रशासन इन दोनों भाइयों को ही डूबे लोगों की तलाश के लिए लगाता है। राधे माझी अपने भाई के साथ अब तक कई लोगों को गंगा जी में से डूबने पर बचा चुका है। लेकिन सोमवार को निरंतर तलाश करने के बावजूद डूबे मछुआरे का कोई पता नहीं चला। माझी समाज से जुड़े लोगों के लिए चुनौती साबित हो रही है, लेकिन वह फिलहाल राधे का पता नहीं लगा पा रहे हैं।

ठंड एवं शीतलहर के कारण नदी का बहाव तेज हो गया है। ऐसे में डूबे हुए लोगों को पता लगाना मुश्किल हो जाता है। अभी कुछ दिन पहले ही तीन बहने मिर्ज़ापुर वाराणसी नदी में डूब गई थी। लेकिन उनका भी कुछ पता नहीं चला। एक बहन को ढूंढ कर निकाल दिया गया, लेकिन वह दो भी अभी भी लापता है।