प्रयागराज से सोनीपत तक होगी जल यात्रा, मिर्ज़ापुर पर भी बनाया जाएगा एक स्टॉप, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

प्रयागराज से दिल्ली होते हुए फिर पानीपत तक एक जल यात्रा का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। जिसके तहत उत्तर प्रदेश के कई जिलों को रोजगार एवं कारोबार में बढ़ोतरी होगी।

 
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मिर्ज़ापुर में रिवर हब बनाने के लिए मिली मंजूरी।
मिर्ज़ापुर, Digital Desk: अब आने वाले दिनों में यानी कि अगले साल से संगम नगरी यानी प्रयागराज से हल्दिया तक जलमार्ग के द्वारा परिवहन किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां से दिल्ली होते हुए सोनीपत तक की जल यात्रा भी की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने पूर्ण रूप से तैयारी कर ली है। सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी। माना जा रहा है कि जलमार्ग तैयार होने से प्रयागराज एवं उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मिर्ज़ापुर में रिवर पोर्ट:

जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए 40 रिवर पोर्ट बनाए जाएंगे। मिर्ज़ापुर में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने बताया कि 1350 किलोमीटर लंबे सफर में फिलहाल वाराणसी से हल्दिया तक जलमार्ग शुरू हो चुका है। अब इसके बाद वाराणसी से प्रयागराज तक गंगा नदी में ड्रेजिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अब इसके बाद मिर्ज़ापुर समेत अन्य 40 जगहों पर 40 रिवरपोर्ट बनाए जाएंगे। इससे फायदा यह होगा कि इन जिलों में कुछ कुछ समय तक जब शिप या क्रूज़ रुकेगी तो लोगों को उस जगह के बारे में रुचि जागेगी और वहां के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही साथ लोग वहां भी जाना चाहेंगे। ऐसे में वहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गंगा नदी के किनारे मिर्ज़ापुर के रिवर पोर्ट को मान्यता भी दी जा चुकी है। मिर्ज़ापुर के बाद अब दिल्ली, मथुरा, आगरा, इटावा होते हुए यमुना नदी के जरिए प्रयागराज को जल मार्ग से जोड़ने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है।

मिर्ज़ापुर में रिवर पोर्ट से क्या फ़ायदा:

मिर्जापुर में रिवरपोर्ट पहले भी है, लेकिन अब यहां अंतरप्रांतीय वाला एक पोर्ट बन जाएगा। जिसमें यहां पर जब शिप रुकेगी, तो यहां के छोटे व्यापारियों को कमाई करने का मौका मिलेगा, यहां से भी यात्री शिप पर सवार होकर पानीपत तक का सफर तय कर सकते हैं। ऐसे में परिवहन रोजगार एवं आर्थिक सहायता के साथ-साथ मिर्ज़ापुर में हर तरह से बढ़ोतरी होगी। 

आप सबको पता है कि कल ना नदी को लोगों का कितना प्रदूषित कर बैठे हैं ऐसा नहीं है कि, पूर्ण रूप से वह प्रदूषित है लेकिन प्रदूषित तो है। ऐसे में रिवरपोर्ट बनने की वजह से गंगा नदी के आसपास सब लोग सफाई रखेंगे, कूड़ा कचरा कहीं में नहीं फेकेंगे तो पूर्ण रूप से देखा जाए तो इसमें मिर्जापुर का विकास है। रिवर बोर्ड बनवाने की वजह से यहां के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।