Mirzapur News : धान क्रय केन्द्रों पर धान तौल की सीमा घटा कर आधी कर दी गई

जिले में खाद्य विभाग से क्षेत्र में संचालित धान क्रय केंद्रों पर मात्र एक कांटे से अधिकतम 300 कुंतल धान तौल किए जाने का आदेश जारी कर दिए जिले के धान क्रयकेंद्रों पर धान तौल की सीमा घटा कर आधी कर दी गयी
 
धान तौल की सीमा600 से घटा कर आधी कर दी गई
300 कुन्तल धान प्रतिदिन खरीदे जाने की सीमा निर्धारित किए जाने से क्षेत्र के किसान व केंद्र प्रभारी दोनों हो रहे परेशान

मिर्ज़ापुर: जिले में खाद्य विभाग से क्षेत्र में संचालित धान क्रय केंद्रों पर मात्र एक कांटे से अधिकतम 300 कुंतल धान तौल किए जाने का आदेश जारी कर दिए जिले के धान क्रयकेंद्रों पर धान तौल की सीमा घटा कर आधी कर दी जाने से किसान परेशान है अपना धान नहीं बेंच पा रहे है। क्रयकेन्द्र प्रभारियों के समक्ष मुसीबत खड़ी हो गई है।

क्रय केंद्रों पर किसानों की ज्यादा भीड़ बढ़ गई है। लगभग 300 कुन्तल धान प्रतिदिन खरीदे जाने की सीमा निर्धारित किए जाने से क्षेत्र के किसान व केंद्र प्रभारी दोनों परेशान हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि इससे सभी किसानों से धान खरीद नहीं हो पाएगी। क्षेत्र के किसान धान की खेती करते है। धान का उत्पादन भी इस वर्ष बेहतर हुआ है। अब किसानों को धान बेंचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा।


खाद्य विभाग से धान क्रय केंद्रों पर एक कांटा से 300 कुंतल धान प्रति दिन खरीद किए जाने का आदेश किसानों के साथ गलत साबित हो रहा है। पहले 600 कुंतल 1 कांटा से तौल करने का आदेश था। विभाग के नये आदेश से क्रय केंद्रों पर दर्जनों की संख्या में किसान अपना धान बेचने के लिए लाइन लगाए हुए है। वे केंद्र प्रभारी पर दबाव बना रहे हैं। इससे केंद्र प्रभारी के साथ बात विवाद भी हो रही जा है। केंद्रों पर रखे गए धान को न खरीदने के लिए केंद्र प्रभारी सरकारी आदेश का हवाला देकर चुप्पी साध ले रहे है। इससे नाराज किसान SMI को कोस रहे हैं। वहीं अपना धान बेचने के लिए रोज क्रय केंद्र का चक्कर काट रहे हैं।


पूर्व में ऑनलाइन टोकन के जरिए क्रय केंद्रों पर एक दिन में 600 कुंतल धान तौल किए जाने का आदेश दिया गया था। परंतु अब उसे घटाकर एक दिन में मात्र 300 कुंतल ही धान खरीद किए जाने का आदेश दिया गया है।क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि धान तौल के लिए कांटा बढ़ाकर प्रति दिन 600 कुंतल धान खरीद कराया जाए। जिससे क्षेत्र के किसान अधिक से अधिक सरकारी केंद्रों पर धान बेचकर सरकार से निर्धारित MSP का लाभ उठा सकें।

रिपोर्ट- रवि यादव, जिला संवाददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल