मिर्ज़ापुर: गरीब, असहाय ग्रामीणों को मिलेंगे निःशुल्क अधिवक्ता, जनपद न्यायाधीश ने दिया आदेश

जनपद न्यायाधीश शिवकुमार प्रथम द्वारा एक कैंप लगाया गया था। जिसमें इस बात का ऐलान हुआ कि, तीन लाख से कम आय वाले गरीब लोगों के लिए नि: शुल्क अधिवक्ता सेवाएं प्रदान की जाएँगी।

 
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जो गरीब लोग मुकदमा नहीं लड़ सकते हैं उनको नि: शुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: यह बात हम बहुत अच्छे तरीके से जानते हैं कि अगर किसी एक व्यक्ति का न्यायालय में केस चला जाए तो जीवन खत्म हो जाता है लेकिन वह केस खत्म नहीं होता। ऐसा कभी-कभी ही होता है कि केस से उन्हें निजात मिल जाती है। इंसान की जीवन भर की कमाई वकालत के मुकदमे में चली जाती है, क्योंकि यहां तारीख़ मिलती है फैसले नहीं। ऐसे में अब गरीब असहाय लोगों के लिए एक खुशी की बात है। अगर उनके पास अपना केस लड़ने के लिए पैसा नहीं है, तो उन्हें नि:शुल्क अधिवक्ता की सेवा प्रदान कराई जाएगी।

पूरी बात:

जनपद न्यायाधीश शिवकुमार प्रथम के निर्देशन में देवापुर गांव में 1 प्राथमिक विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का शिविर लगाया गया था।इसमें गरीब, असहाय व ग्रामीणों का निशुल्क विधिक सहायता एवं विभिन्न सामाजिक योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्लान और एक्शन के तहत शिविर को लगाया गया था। जिसका शुभारंभ पूर्व कालिक सचिव अमित कुमार यादव ने किया था।

इस शिविर में यह बताया गया कि नि:शुल्क विधिक सहायता व सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को सरकार कानून के तौर पर बनाती है। जिसके तहत सभी को अधिकार प्राप्त है। बताया गया कि जो गरीब मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता करने में असमर्थ होंगे, उनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरकारी खर्चे पर नि:शुल्क अधिवक्ता प्रदान करेगा।

3 लाख़ से कम हो आय:

पूर्व कालिक सचिव ने बताया कि जो गरीब व्यक्ति अधिवक्ता की फीस देने में असमर्थ हैं उन्हें सरकारी सुविधा प्रदान कराई जाएगी। लेकिन इसके लिए उनकी वार्षिक आय ₹300000 से कम होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षति पूर्ण योजना के तहत दुष्कर्म मानसिक संपाद के कारण हुई हानि, लैंगिक अपराध, तेजाब का हमला, गर्भ की क्षति, यौन उत्पीड़न आदि का मुआवजा मिलता है।

तहसीलदार ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत मृतक को ₹400000 एवं कृषक बीमा मौत से मृतक किसान को ₹500000 कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान किए जाते हैं। आपूर्ति विभाग के प्रदीप शुक्ला ने राष्ट्रीय खाद सुरक्षा, योजना बाल विकास परियोजना, अधिकारी विमलेश पाल ने इस बारे में जानकारी प्रदान की। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी ने महिलाओं और बालिकाओं के साथ उत्पीड़न से बचाव करने की जानकारी दी ।शिविर में वरिष्ठ सहायक दीपक कुमार श्रीवास्तव एवं ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे इस पूरे शिविर में उत्पीड़न से बचाव एवं न्यायिक सहायता देने पर जोर डाला गया।