मिर्ज़ापुर: गंगा नदी पर बनने वाला पुल निर्माण का एलाइनमेंट पूरा, परानीपुर से लाक्षागृह तक बनेगा मार्ग

परानीपुर बनने वाले पुल निर्माण का अब एलाइनमेंट पूरा हो गया है। इस पुल निर्माण से कई सारे लोगों को राहत मिलने वाली है, यह पुल करीब 1400 मीटर से भी अधिक का होगा, जिससे मिर्ज़ापुर के लोगों को खासा राहत मिलेगी।

 
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लाक्षागृह के पर्यटन को बढ़ावा।
मिर्ज़ापुर, Digital Desk: गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण के लिए कई सालों से प्रस्ताव दिया जा रहा था। फिलहाल गया अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है, इस प्रस्ताव के तहत लाक्षागृह और परानीपुर सेतु परियोजना लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी होगी। इसके निर्माण के लिए एलाइनमेंट का काम पूरा कर लिया गया है और अब जल्द ही मार्ग का काम शुरू किया जाएगा। इस पुल का निर्माण का होना बहुत ही जरूरी था, शायद यह पहली बार होगा कि एक पुल निर्माण से कई सारी समस्याओं से लोगों को निजात मिलेगा। इसे कोहदार रोड के पास प्रयागराज रीवा राजमार्ग से मिलाया जाएगा।

मिर्ज़ापुर से मध्यप्रदेश का मिलन:

सबसे खास बात यह है कि, सड़क के जरिए एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाने वाले लोग अपना बिजनेस करते हैं। इस बिजनेस के लिए उन्हें कई दिनों के लंबे सफर का सामना करना पड़ता है, क्योंकि मार्ग बड़ा ही लंबा हो जाता है। लेकिन इस पुल के निर्माण के बाद पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक के कई जिलों का मिलन हो जाएगा। अब इस पुल के निर्माण के बाद मिर्ज़ापुर और मध्य प्रदेश को प्रयागराज से जोड़ने के लिए गंगा पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। मिर्ज़ापुर ही नहीं बल्कि प्रयागराज के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। वहीं इस मार्ग के जरिए मिर्ज़ापुर के लोग अन्य जगहों पर भी आसानी से कुछ मिनटों में ही जा सकेंगे, जिसके लिए पहले उन्हें घूम कर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता था। इस मार्ग के बनने के बाद मिर्ज़ापुर से प्रयागराज का सफर भी बड़ा ही आसान हो जाएगा।

लाक्षागृह:

इस पुल के निर्माण का दूसरा अहम मकसद यह है कि लाक्षागृह जो महाभारतयुगीन कहे जाने वाला सांस्कृतिक पर्यटन है, उसे इस पुल के निर्माण के बाद काफी ज्यादा फायदा होने वाला है। पहले इस पुल को सिरसा घाट से बनाया जाने वाला था, लेकिन करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह पुल अब मेजा ब्लॉक के परानीपुर गांव से शुरू होगा जिसे बाद में  रीवा राज्य मार्ग से जोड़ने का काम किया जाएगा। अध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाक्षागृह से परानीपुर के बीच गंगा पुल का निर्माण के लिए राजकीय सेतु निर्माण निगम की तरफ से सर्वे भी किया जा चुका है। पुल से सुगम यातायात के लिए आरओबी का निर्माण भी प्रस्तावित है।

300 करोड़ की परियोजना:

इस परियोजना पर कुल 300 करोड़ रुपए का खर्च होगा, लेकिन पुल बनने के बाद कई सारे लोगों को फायदा भी होगा। सबसे पहले फायदा यह है कि यह पुल मध्य प्रदेश और पूर्वांचल के लोगों का मिलन करवाएगा। वहीं मिर्ज़ापुर से प्रयागराज और मध्य प्रदेश का मार्ग आसान हो जाएगा। इस ब्रिज को प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली रेलवे लाइन के बीच बनाया जाएगा। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इस पुल  के निर्माण के बाद परानीपुर मेजा रोड मार्ग पर भी यातायात सुगम हो जाएगा।

बक्शी बांध आरओबी में गड़बड़ी होने के बाद डीएम ने इस पर ब्यौरा किया है। सेतु योजना में कोई भी धांधली न हो इस बात पर भी ध्यान रखा जा रहा है और अच्छे से अच्छा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की प्लानिंग की जा रही है। फिलहाल बक्शी बांध आरोपी में गड़बड़ी के संबंध में डीएम ने पार्षद को इस मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है।