बनारस में लाने जा रहे हैं नरेंद्र मोदी दूध क्रांति, मिर्ज़ापुर समेत अन्य जिलों के किसानों बढ़ेगी आय

23 दिसंबर को नरेंद्र मोदी दूसरी बार बनारस आएंगे और यहां पर अमूल डेयरी प्लांट यानी बनास डेयरी का शुभारंभ करेंगे।

 
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बनारस में नरेंद्र मोदी लाएंगे दूध कांति 10000 लोगों को मिलेगा नौकरी का अवसर।

उत्तर प्रदेश, Digital Desk: वाराणसी में स्थापित होने वाला यह तीसरा मिल्क प्लांट होगा। जिसका महत्व बाकी दो प्लांट से अलग एवं अनूठी होंगे। यह एक मिल्क प्रोडक्शन फैक्ट्री होगी, जिसका शुभारंभ नरेंद्र मोदी द्वारा होने जा रहा है। यहां केवल समितियों के माध्यम से किसानों को दूध ही नहीं दिया जाएगा। बल्कि समूचे इलाके में दूध का उत्पादन बढ़ाया जा सके, इसके लिए किसान को पोषक तत्वों के साथ जानवरों के बारे में ट्रेनिंग भी दी जाएगी कि, उन्हें कैसे रखा जाए। 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार वाराणसी आ रहे हैं, जहां से वह दूध क्रांति का आगाज करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमूल के प्लांट बनास डेयरी की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास के बाद डेढ़ साल के भीतर यह प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में लखनऊ और कानपुर में ही अमूल का प्लांट था, लेकिन वाराणसी में स्थापित होने के बाद यह तीसरा प्लांट बन जाएगा।

मिर्ज़ापुर:

बनास डेयरी के बन जाने के बाद मिर्ज़ापुर के किसानों को बेहद फायदा होने वाला है। क्योंकि इस डेरी से मिर्ज़ापुर के किसानों को एवं अन्य युवकों को रोजगार के मौके एवं कमाई का जरिया मिलेगा। खबरों के मुताबिक इस डेरी में वाराणसी मिर्ज़ापुर समेत अन्य जिलों के हजार गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। इससे किसानों को प्रतिमाओं के दूध के बदले 8000 से ₹10000 महीना मिलेगा। ऐसा भी है कि, इस प्रोजेक्ट के जरिए 750 से ज़्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मीटिंग में बताया गया कि मिर्ज़ापुर समेत अन्य 6 जिलों के 10000 लोगों को डेरी रोजगार प्रदान करेगी।

डेयरी के दूध का लक्ष्य 10 लाख़ लीटर दूध होगा। यहां 10 लाख़ से भी ज्यादा लीटर के दूध का उत्पादन होगा। जिससे प्रतिमाह आइसक्रीम, पनीर, बटर मिल्क, दही, लस्सी और मिठाई जैसे चीजों का उत्पादन भी होगा। जिसमें मिर्ज़ापुर के किसानों का भला होगा, भला ऐसे की मिर्ज़ापुर किसान जो भी दूध यहां पर बेचने आएंगे। वह उसके अनुसार उनके पैसे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

अनूठा प्लांट:

बताया जा रहा है कि यह नया प्लांट बाकी 2 प्लांट से अनोखा एवं अनूठा होगा। यहा केवल समितियों के माध्यम से किसानों का दूध ही नहीं खरीदेगा बल्कि, समूचे इलाके में दूध का उत्पादन बढ़ाया जा सके इसके लिए किसानों को इसकी जानकारी देगा और किसान किस तरह से अपने जानवरों को पौष्टिक तत्व के साथ अच्छे से रख सकें इस बारे में जानकारी भी देगा। इतना ही नहीं एंब्रियो ट्रांसफर एंड के जरिए जानवरों की अच्छी नस्ल के साथ बच्चा देने की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। इससे प्रति जानवर दूध उत्पादन की क्षमता भी बढ़ जाएगी जिससे लोगों को देसी गायों का ताजा दूध बड़ी मात्रा में मिल सकेगा। गुजरात से बड़ी संख्या में गिर गया लाई जाएगी और बनारस के प्लांट में लखनऊ की तरह यहां पर आइसक्रीम भी बनाई जाएगी फिलहाल अभी तक गांव में 150 समितियां बनाई जा चुकी हैं।

बनास डेयरी के चेयरमैन एवं गुजरात के निवासी शंकर भाई चौधरी ने बताया कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करने वाला प्लांट बनेगा। जैसे ही किसान अपने गांव में मंडली का दूध देगा, उसके मोबाइल में यह सूचना मिल जाएगी कि दूध कितना है, इसमें फैट कितना है एवं अन्य जानकारी। दूध देने के 5 मिनट बाद ही उसके बैंक अकाउंट में पैसा चला जाएगा।

किसान का भला:

शंकर भाई चौधरी ने बताया कि किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी जिससे दुग्ध क्रांति आएगी। हमारे यहां पहले जो गाय 4 लीटर दूध देती थी, अब वह 25 से 26 लीटर दूध देती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिश के बाद मेरे गांव से ही साल 2002 के पहले 200 करोड़ रुपए महीने का कारोबार होता था, अब वह 900 करोड़ का हो गया है।उन्होंने कहा कि देखिए परिवर्तन होगा और 8-9 साल का समय लगेगा, लेकिन परिवर्तन जरूर होगा।