अब मिर्ज़ापुर की बेटी को इंसाफ दिलाएंगी निर्भया की अधिवक्ता, बोली फांसी की सजा दिलाने में करूंगी पूरा सहयोग

9 साल की बच्ची के साथ दो व्यक्तियों ने दुष्कर्म किया था, इस केस को अब निर्भया की अधिवक्ता लड़ेंगे और इन 2 व्यक्तियों को फांसी की सजा दिलाने का पूरा प्रयास करेंगी।

 
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पीड़िता के परिवार के साथ होती है, कानूनी धोखाधड़ी।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: पिछले 1 हफ्ते में मिर्जापुर में कोई भी व्यक्ति नए साल को लेकर इतना उत्साहित नहीं था, क्योंकि नए साल के पहले ही एक ऐसी घटना हुई, जिसने मिर्ज़ापुर के हर एक व्यक्ति की रूह को हिला कर रख दिया। मिर्ज़ापुर में एक 9 साल की बच्ची के साथ कुछ लोगों ने दुष्कर्म किया और उसके बाद उसे मार डाला।

ऐसे में प्रदेश में इस घटना को लेकर बड़ा जनाक्रोश लोगों के बीच बना हुआ है। एमएलए रत्नाकर मिश्रा ने पीड़िता के परिवार को पूर्ण रूप से इंसाफ दिलाने का वादा किया है और आरोपियों को फांसी की सजा मिले, इस बात का भी आश्वासन दिया है। साथ ही पीड़िता के परिवार को आर्थिक सहायता एवं कानूनी सहायता देने का भी आश्वासन दिया है। मिर्ज़ापुर का प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि इन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई जाए। दुकानदारों ने भी अपनी दुकान का शटर गिराकर, मोमबत्ती जलाकर पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीमा समृद्धि कुशवाहा:

मिर्ज़ापुर जिले में बीते दिन 9 साल की बच्ची के साथ दो व्यक्तियों ने दुष्कर्म किया, फिर उसके बाद उसे मौत के घाट उतार दिया। यह घटना अब पूरे देश में एक चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में अब इस मामले में मिर्ज़ापुर की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए निर्भया केस में जो अधिवक्ता थी, जिनका नाम सीमा समृद्धि कुशवाहा है। उन्होंने बताया कि मिर्ज़ापुर में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म वाला केस लड़ेंगी। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सीमा समृद्धि खुशवाहा ने बताया कि अक्सर ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को कानूनी जानकारी नहीं होती है, जिसके बाद आरोप के दुष्कर्म से कई सारे लोग बच जाते हैं। ऐसे में उन्होंने बताया कि कानून में सुधार की आवश्यकता है।

दुष्कर्म के पीड़ित परिवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद जानकारी मिलती है, जबकि यह जानकारी उन्हें पहले होनी चाहिए, ताकि वह सही ढंग से मुकदमा पंजीकृत करवा सकें। ऐसे में उन्होंने बताया कि जब कोर्ट में केस पहुंचता है, तब उनके परिवार को समस्या होती है। इसी का लाभ लेकर आरोपी छूट जाते हैं। भारत में 70% दुष्कर्म के मामले में पीड़िता अपने साथ दुष्कर्म हुआ न कहकर बल्कि गलत हुआ कहती है।

कैसे दिलाए इंसाफ़:

उन्होंने बताया कि अपराध को किस तरह रोका जाए और इसके खिलाफ क्या किया जाए इस संबंध में एसपी और सीओ सिटी से बात की गई गैंगरेप और हत्या के मामले में पहले पुलिस ने सिर्फ दुष्कर्म और हत्या की धारा लगाई थी। इसके बारे में सोशल मीडिया पर आवाज उठाने पर गैंगरेप और दुष्कर्म की धाराओं को बढ़ाया गया। यह धाराएं दरिंदों को फांसी की सजा सुनाने के लिए पर्याप्त सजा दिलाने की प्रक्रिया लंबी है, लेकिन उन्हें फांसी की सजा सुनाई जाएगी। ऐसे में अब यह पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल्द ही विवेचना पूरी करके चार्ज शीट लगाएं। राजस्थान में यह सा जब एक केस हुआ था, तो विवेचना महज 5 दिन में पूरी कर दी गई थी। वैसे विवेचना के लिए 2 महीने का समय मिलता है, जितना जल्दी विवेचना पूरा होगी, उतनी जल्दी पीड़िता को इंसाफ मिलेगा।