रानी लक्ष्मीबाई महिला बाल सम्मान योजना: 7 लाभार्थियों के आवेदन को मिली मंजूरी

जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं और बालिकाओं को बिना देर किए मेडिको लीगल परीक्षण कराया जाए
 
योजना
किसी भी तरह की हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को मदद के लिए राज्य सरकार ने लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की शुरूआत 2015 में की थी 


मिर्ज़ापुर: उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत जनपद में प्राप्त कुल 28 आवेदन पत्रों के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। सदस्यों के परीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने 7 लाभार्थियों के आवेदन को मंजूरी दी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जघन्य हिंसा की शिकार महिलाओं और बालिकाओं तत्कालिक आर्थिक एवं चिकित्सीय राहत उपलब्ध कराने के लिये घटना के तुरन्त बाद एफ.आई.आर दर्ज कराकर पीड़िता का मेडिको लीगल परीक्षण तत्काल कराया जायें। ताकि सही स्थिति सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि घटना के तिथि तथा एफआईआर दर्ज करने की तिथि के मध्य अन्तराल रहने से परीक्षण की गुणवत्ता पर असर पड़ता हैं। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को मदद के लिए राज्य सरकार ने लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष शुरू किया है जिसमें हिंसा से पीड़ित महिलाओं के इलाज और पुनर्वास के लिए 3 से 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है। महिला सम्मान कोष की शुरुआत साल 2015 में हुई है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य हिंसा पीड़ित महिलाओं एवं उनके आश्रितों के साथ-साथ आर्थिक रूप से निर्बल महिलाओं की शैक्षिक एवं चिकित्सीय सुविधा के लिए आर्थिक सहायता देना है।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ पी0डी0 गुप्ता, मुख्य कोषाधिकारी राज कुमार गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी, जिला महिला कल्याण अधिकारी मंजू यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी आर्यन सिंह के अलावा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

रिपोर्ट- रवि यादव, जिला संवावददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल