मिर्ज़ापुर में तीसरी लहर को देखते हुए अस्पताल में किया गया पूर्वाभ्यास

कोविड की तीसरे लहर की आशंका को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को एल1 एल2 समेत सीएचसी पर पूर्वाभ्यास किया गया।

 
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सुबह 10:00 बजे करीब एंबुलेंस लालगंज के एक किशोर और विंध्याचल के एक युवक मरीज के रूप में प्रतीकात्मक स्वरूप एंबुलेंस से लाया गया।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: कोरोनावायरस महामारी की तीसरी लहर अब तेजी से बढ़ती हुई नजर आ रही है। जिसके चलते अब हर जिले में कोरोना के केस एक्टिव होते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में उन जिलों की प्रशासन अब एक्शन में आ गई है। मिर्ज़ापुर जिले में कोरोनावायरस की आशंका को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को L2, L1 को मद्देनजर रखते हुए सीएचसी पर पूर्वाभ्यास किया गया। इसका जिले के चिकित्सा अधिकारियों ने निरीक्षण किया। सुबह से लेकर शाम तक तीन चरणों में निरीक्षण के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

विस्तार:

सुबह 10:00 बजे से करीब एंबुलेंस से लालगंज के एक किशोर और विंध्याचल के एक युवक को मरीज के रूप में प्रतीकात्मक स्वरूप एंबुलेंस से ले आया गया। सूचना पर L2 अस्पताल में उनको भर्ती कराने की तैयारी की गई। एंबुलेंस से उन्हें उतार कर आईसीयू में भर्ती कराया गया, वहां पर उनको ऑक्सीजन एवं अन्य उपकरण की सहायता से इलाज की सुविधा प्रदान कराई गई। इस दौरान अस्पताल में स्टाफ पीपीआई किट के साथ मौजूद रहे। डॉक्टर ने मरीज का चेकअप किया और उसके बाद उसे जरूरी दवाएं दी।

निरीक्षण करने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ अशोक कुमार, एसआईसी डॉक्टर आलोक, एसीएमओ डॉ नीलेश श्रीवास्तव, डॉक्टर गुलाब मौर्य एवं अन्य लोग अस्पताल में मौजूद रहे एवं व्यवस्था का जायजा लिया अधिकारियों ने सुबह 10:00 बजे के बाद टीम दोपहर 1:00 और 3:00 बजे अस्पताल का निरीक्षण पर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करने लगी और उसका जायजा भी लिया।

फिलहाल इसके बाद सीएचसी में 30 बेड में से 10 बेड बच्चों के इलाज के लिए तैयार रखे गए हैं। उसमें से दो आईसीयू बेड भी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 18 बेड पुरुष के लिए एवं महिलाओं के इलाज के लिए ऑक्सीजन के 35 सिलेंडर भी वहां उपलब्ध कराए गए हैं। अधीक्षक ने बताया कि दवा और चिकित्सा व्यवस्था समुचित रूप में उपलब्ध है, यहां पर हालिया और लालगंज दोनों के चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई है एवं मरीज़ पाए जाने पर यहां से डिलीवरी का कार्य हटा कर दुबार स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर कराई जाएगी और ओपीडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, यह उस स्थिति में काम आएगी जब कोई ओमीक्रोन का मरीज मिलेगा।

इसके साथ-साथ अधीक्षक ने अगर कोई संक्रमित मरीज अस्पताल में आता है, तो कितनी देर में उसका इलाज शुरू किया जाएगा इसकी रिहर्सल भी कराई गई। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करा कर इलाज किस तरह शुरू किया जाएगा। यानी कि पूरे प्रोसेस को अधीक्षक की टीम द्वारा प्रैक्टिस कराया गया।