श्री विन्ध्य शक्ति संघ नें विंध्यधाम में आयोजित किया कजली महोत्सव, लोकगायकों ने दी कजली की शानदार प्रस्तुति

मिर्ज़ापुर के सुप्रसिद्ध कजली महोत्सव में शामिल हुए नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल
 
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कजली मिर्ज़ापुर की संस्कृति और विरासत की पहचान-  मनोज जायसवाल

विंध्याचल : श्री विन्ध्य शक्ति संघ नें विंध्यधाम में कजली महोत्सव आयोजित किया। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से लोकगीत के गायक शामिल हुए। लोकगायकों ने यहां कजली की शानदार प्रस्तुति दी। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल भी मंगलवार की देर रात मिर्जापुर के विन्ध्याचल स्थित माँ विंध्यवासिनी के धाम पहुँचे। बता दें कि यहां सावन के महीने में प्रत्येक वर्ष मिर्ज़ापुर के सुप्रसिद्ध कजली महोत्सव मनाया जाता है। इस कजली महोत्सव में दूर-दराज के इलाकों से आये लोकगायन के गायकों ने अपने गीतों से माँ विंध्यवासिनी के धाम आये लोगों को मंत्र-मुग्ध कर दिया।

ऐसी मान्यता है कि कजली अपने पति की याद में गाने गाया करती थी जिनसे वह अपने जीवन में कभी नहीं मिल पाई। यह त्योहार राजा कंतित की पुत्री कजली को श्रद्धांजलि देने के लिये प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। कजली महोत्सव में विन्ध्य शक्ति संघ ने जायसवाल को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

जायसवाल ने कहा कि कजली महोत्सव मिर्ज़ापुर के सुप्रसिद्ध महोत्सवों में से एक है। पूरे देश मे मिर्जापुर की कजली गीत और कजली महोत्सव का एक अलग स्थान है। सबसे बड़ी बात यह है कि मिर्जापुर के लोकगायकों ने इस प्रथा को आज भी जीवंत रखा है। कजली महोत्सव मिर्ज़ापुर की संस्कृति और विरासत की पहचान है। कजली गीतों को सुनने के बाद मिर्ज़ापुर के अपनत्व का अहसास होता है। 

रिपोर्ट- रवि यादव, जिला संवाददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल