घर- घर जाकर बीमारियों की पहचान करेंगे स्वास्थ्यकर्मी, सबको लगेगा कोरोना रोधी टीका डेंगू भी होगा दूर

 7-16 सितम्बर तक विशेष अभियान के तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा
 
डीएम
पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कार्ययोजना बनाकर संचालित किया जायें अभियान- जिलाधिकारी  

मिर्ज़ापुर: उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जनपद मिर्ज़ापुर एक ऐसा विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है जिसमें स्वास्थ्यकर्मी घर घर जाकर रोगों की पहचान करेंगे। इतना ही नहीं जिन्हें कोरोना टीका नही लगा है उनकी पहचान भी करेगें, बुखार भी चेक करेंगे इसके अलावा तुरंत मौके पर ही प्लेटलेट्स की भी जांच होगी और तुरंत उपचार भी मिलेगा।  जी हां कोविड संवेदीकरण, ज्वर पीड़ित व्यक्तियों क्षय रोग के लक्षण वालें व्यक्तियो, नियमित टीकाकरण छूटे बच्चों तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कोविड टीके की पहली खुराक न प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है जो 7 सितम्बर से 16 सितम्बर तक स्वास्थ विभाग द्वारा चलाया जाएगा।

इन विशेष अभियान की तैयारियों का जायजा खुद डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान के अनुसार जनपद में टीमों का गठन किया जायें। ग्रामीण क्षेत्रो के में टीम आशा एवं आँगनबाड़ी कार्यकत्रियो को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के स्वास्थ विभाग के सर्विलांस मेडिकल आफिसरों द्वारा संयुक्त रूप से पल्स पोलियो अभियान के अनुसार माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को सफल बनाने के लिए कार्य हो और प्रत्येक सर्वेक्षण टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के समस्त आवासों/घरों में घर-घर भ्रमण कर 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियो की संख्या तथा कोविड टीकाकरण से छूटे 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों तथा परिवार में 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों की लिस्ट तैयार करेंगी तथा निरीक्षण के दौरान अगर कोई व्यक्ति गंभीर लक्षणों वाला मिलता है तो उसकी पूरी जानकारी अपने पर्यवेक्षक को देंगे। 
बैठक में मुख्य जिलाधिकारी ने कहा कि योजना को सफल बनाने के लिये स्वास्थ विभाग के अलावा पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास, एकीकृत बाल विकास योजना, नगर निकाय, वन विभाग, कृषि विभाग सहित जिस-जिस विभाग को जिम्मेंदारी दी गई है वह अपने कामों को जिम्मेदारी से करें।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अभियान के पूर्व की तैयारियों के लिये मास्टर ट्रेनरो व पर्यवेक्षको प्रशिक्षित किये जाने, निर्धारित प्रारूप में ज्वर पीड़ित व्यक्तियों, कोविड तथा क्षय रोग लक्षण व्यक्तियो, नियमति टीकाकरण से छूटे बच्चो तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कोविड टीके की पहली खुराक प्राप्त न करने वाले व्यक्तियो की लिस्ट तैयार करना, माइक्रो प्लान, मैपिंग, अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं रिपोटिंग आदि जानकारी के टीम के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जायेगा। 

बैठक में उपस्थित पीएचसी व सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियो को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश के कई जनपदो में डेंगू बीमारी के खतरों को देखते हुये जनपद में उसके रोकथाम व बचाव के लिये पूरी तैयारी सुनिश्चित कर ली जायें। ग्रामीण नगरीय क्षेत्रो में ब्लीचिंग पाउडर, सेनीटाइजेशन आदि सुनिश्चित कराया जायें। मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि बुखार पीड़ित व्यक्तियों के प्लेटलेट्स की जाँच भी कराई जाए और जिसका निर्धारित मानक से कम प्लेटलेट्स आयें उसकी जाँच तत्काल लैब से कराकर जल्द इलाज भी शुरू किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि डेंगू के मच्छर के काटने से प्लेटलेट्स कम होता है जिससे व्यक्ति की जान जाने का खतरा रहता हैं। साफ-सफाई व कूलरो में पानी बदलना, आस पास पानी न जमा होने देना आदि के बारे में प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जायें।
 
बैठक में स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित लगभग सभी योजनाओं की स्थिति में सूधार ना देखते हुए जिलाधिकारी ने चिन्ता व्यक्त की और कहा कि इससे जनपद की प्रगति पर भी असर पड़ रहा है। उन्होने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुये कहा कि स्वास्थ योजनाओं के प्रगति में सुधार लायें अन्यथा कड़ी कार्यवाही के लिये तैयार रहें। उन्होंने गोल्डन कार्ड बनाने का भी जोरदार समर्थन किया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ पीडी गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ नीलेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ अजय कुमार सिंह, डॉ अरूण कुमार सहित अन्य सम्बन्धित स्वास्थ विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।

रिपोर्ट- रवि यादव, जिला संवाददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल