Bihar Gandhi Maidan Blast के दोषियों को आज सुनाई जाएगी सज़ा, मिर्ज़ापुर निवासी अहमद हुसैन भी दोषी साबित

नरेंद्र मोदी कि पटना 2013 चुनाव सभा रैली में बम विस्फोट करने वाले 9 दोषियों को अदालत द्वारा आज सजा सुनाई जाएगी, जिनका डायरेक्ट कनेक्शन इंडियन मुजाहिदीन से नजर आ रहा है।

 
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मिर्ज़ापुर के फकरुद्दीन चाचा हुए दोषी साबित।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: आज से 8 वर्ष पूर्व 2013 में बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक चुनावी जनसभा की गई थी। बम धमाके के कारण इस जनसभा में मौजूद कई सारे लोग घायल हो गए थे एवं उसमें से कुछ लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। 8 साल बाद इस मामले में 9 व्यक्तियों को दोषी पाया गया और आज उन्हें इस मामले पर सजा भी सुनाई जाएगी।

नरेंद्र मोदी की जनसभा रैली में कई सारे लोग मौजूद थे। एनआईए द्वारा जांच 8 साल चलती रही और जिन-जिन लोगों को भी उन्हें शक था, उनको गिरफ्तार कर जेल में रखा गया था। 8 साल बाद एनआईए की जांच पूरी हुई एवं इसमें 9 लोगों को दोषी करार पाया गया और बाकी लोग जिनका इस बम विस्फोट से कोई ताल्लुक नहीं था, उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।

मिर्ज़ापुर के फकरुद्दीन चाचा -

इस रैली में मिर्ज़ापुर के फखरुद्दीन चाचा भी मौजूद थे। फोन पर किसी से बात कर रहे थे, जिसपर एनआईए के अफसरों को उन पर शक हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जेल से रिहा होने के बाद फखरुद्दीन के रिश्तेदारों ने बताया कि, उसी दिन उन्हें बिटिया पैदा हुई थी। लेकिन गिरफ्तार होने के कारण फखरुद्दीन उसका चेहरा तक नहीं देख पाए थे। फखरुद्दीन बहुत ही गरीब परिवार से आता है, उसके पिता एक मजदूर है।

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मिर्ज़ापुर निवासी अहमद हुसैन दोषी साबित -

इस बम धमाके मामले में जहां मिर्ज़ापुर जिले के फखरुद्दीन चाचा को रिहा कर दिया गया, वहीं मिर्ज़ापुर जिले के कटरा कोतवाली का रहने वाला अहमद हुसैन इस मामले में दोषी पाया गया है एवं उसे कोर्ट द्वारा सजा भी सुनाई जा सकती है। अहमद हुसैन का इंडियन मुजाहिदीन से भी कनेक्शन एनआईए को नजर आ रहा है। NIA को लगता है कि, यह सभी दोषी सीमा के सदस्य हैं, जो प्रतिबंध के बाद इंडियन मुजाहिदीन में तब्दील हो गए थे।

कौन-कौन है दोषी?

जिन 9 लोगों को एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया है, उसमें छत्तीसगढ़ के उमर सिद्दीकी और असद उद्दीन कुरेशी, झारखंड का हैदर अली, रांची का मोहम्मद मुजीबुल्लाह अंसारी, नुमान अंसारी, इश्तेखार आलम, इम्तियाज अंसारी और फिरोज आलम व उत्तर प्रदेश मिर्ज़ापुर जिले के कटरा कोतवाली का अहमद हुसैन।

क्या हो सकती है सज़ा?

इन सब दोषियों का इंडियन मुजाहिद्दीन कनेक्शन एनआईए को नजर आ रहा है। जिसके बाद इन को कड़ी से कड़ी सजा मिलने के आसार है। सजा किस प्रकार की होगी, यह तो कोर्ट द्वारा अंतिम फैसले से ही पता चलेगा। लेकिन उम्रकैद या फांसी, सजा के तौर पर मिलती नजर आ रही है।