मिर्ज़ापुर वेब सिरीज़ के मेकर्स की बढ़ सकती है मुश्किलें?, पुलिस ने पूरी की विवेचना की प्रक्रिया

इस साल के शुरुआत में मिर्ज़ापुर वेब सीरीज के मेकर्स पर मिर्ज़ापुर की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया था एवं मिर्ज़ापुर की कोतवाली देहात में एक कंप्लेंट भी दर्ज कराई गई थी।

 
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आरोपियों के ख़िलाफ़ न्यायालय में विवेचना पत्र दाख़िल।
मिर्ज़ापुर, Digital Desk: पिछले वर्ष मिर्ज़ापुर वेब सीरीज का दूसरा भाग अमेजॉन प्राइम पर रिलीज किया गया था। इस वेब सीरीज को लोगों द्वारा काफी प्रशंसा मिली, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें इस वेब सीरीज पर आपत्ति थी। दरअसल, उनकी आपत्ति वेब सीरीज पर नहीं थी, बल्कि वेब सीरीज में दिखाए गया मिर्ज़ापुर की छवि खराब करने पर थी। ऐसे में मिर्ज़ापुर के रहने वाले एक जनरलिस्ट अरविंद चतुर्वेदी ने मिर्ज़ापुर के मेकर्स पर एफ.आई.आर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि मिर्ज़ापुर में जो भी चीजें मिर्ज़ापुर के बारे में दिखाई गई है, वह उसकी संस्कृति से परे है। Mirzapur के मेकर्स रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, ऐमज़ॉन प्राइम और भौमिक गोण्डालियो पर धारा 295(a) 505 और 504 के तहत एफ.आई.आर दर्ज कराई गई थी।

आगें बढ़ी कार्यवाही-

खबरों के मुताबिक देहात कोतवाली पुलिस ने मिर्ज़ापुर वेब सीरीज के आरोपियों के खिलाफ पत्र न्यायालय में दाखिल करने के बाद, विवेचना का प्रोसीजर पूरा कर लिया है। जिसके बाद पुलिस ने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार के माध्यम से आरोप पत्र की फ़ाइल शासन के पास अनुमति के लिए भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करेगी। जिसके कारण मिर्ज़ापुर वेब सीरीज के मेकर्स पर बड़ी मुसीबत आ सकती है।

अन्य दिग्गज़ नेताओं ने भी जताई थी आपत्ति-

मिर्ज़ापुर वेब सिरीज़ को लेकर मिर्ज़ापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल ने भी अपनी आपत्ति जताई थी। अनुप्रिया पटेल ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए वेब सीरीज के ख़िलाफ़ कार्यवाही करने की अपील की थी। उनका भी यही मानना था कि, मिर्ज़ापुर की छवि को खराब किया जा रहा है।

क्या था आरोप:

शिक़ायत दर्ज़ कराने वाले अरविंद चतुर्वेदी की कंप्लेंट के मुताबिक इस वेब सीरीज में मिर्ज़ापुर की छवि को खराब किया गया है। वेब सीरीज में जो भी कृत्य दिखाए गए हैं, मिर्ज़ापुर में ऐसा बिल्कुल नहीं होता है एवं यह मिर्ज़ापुर की संस्कृति से बिल्कुल परे है। इसीलिए मेकर्स के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।