Varanasi-Mirzapur Boat Accident: नाव हादसे के 13 दिन बाद मिला एक बच्ची का शव, अभी भी दो बच्चियों का शव लापता

वाराणसी और मिर्ज़ापुर बॉर्डर के पास नाव दुर्घटना के बाद तीन चचेरी बहनें लापता हो गई थी, जिसमें से एक बच्ची का शव 13 दिन बाद मिला।

 
image: brown and crouppen
दुर्गंध मार रहा था शव, परिजनों ने कपड़े से कि शव की पहचान।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: अदलहाट के रैवपुरिया गंगा घाट पर नाव दुर्घटना हुई थी। जिसमें लगभग 5 लोगों के डूबने की आशंका थी, तत्काल प्रभाव से 2 लोगों को बचा लिया गया था। जिसमें नाव चलाने वाला नाविक और एक महिला थी, लेकिन तीन चचेरी बहनें जो उस नाव में सवार थी, उन्हें नहीं बचाया जा सका और वे लापता हो गई। लेकिन अब 13 दिन बाद तीन चचेरी बहनों में से एक का शव बरामद हुआ है। सबकी जानकारी मिलते ही वाराणसी से टिकरी गांव के लिए उनके परिजनों को बुलाया गया। उसे इतनी दुर्गंध आ रही थी कि, किसी तरह परिजनों ने कपड़े से शव की पहचान की।

पूरी घटना:

रैवपुरिया घाट पर स्थित सूरदास बाबा के आश्रम में 9 दिसंबर को आयोजित भंडारे में यह तीन चचेरी बहन अपनी मां के साथ गई थी भंडारे से प्रसाद लेकर वह वाराणसी अपने घर वापस जा रही थी। इसी बीच गंगा नदी में उनकी नाव पलट गई, किसी तरह नाव चलाने वाले व्यक्ति और मां को बचा लिया गया, लेकिन यह तीन चचेरी बहनें गंगा में लापता हो गई। एनडीआरएफ की टीम 5 दिन लगातार शव खोजने का प्रयास करती रही, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान कई सारे गोताखोरों ने भी अपनी जान की बाजी लगा दी लेकिन वे असफल रहे।

लेकिन अब 13 दिन बाद शुक्रवार को एक लड़की जिसका नाम शिवांगी था, 13 दिन बाद उसका शव गंगा में उतराया मिला। शिवांगी हाई स्कूल की छात्रा थी और अभी उसकी दो बहनों का तो शव मिलना बाकी है। शुक्रवार को कुछ मछुआरे गंगा में मछली पकड़ने गए थे, तभी शाहपुर के सामने गंगा में भंवर में शव दिखा। सूचना मिलने पर नारायणपुर की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाल कर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।

दुर्गंध मार रहा था शव:

बताया जा रहा है कि 13 दिन से लापता शब्द इतना दुर्गंध मार रहा था कि लोगों को कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ा। ऐसे में पुलिस वालों ने परिजनों को बुलाया और परिजनों ने कपड़े के आधार पर शिवांगी की पहचान की। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, ऐसे में शिवांगी की दो चचेरी बहनों का अभी मिलना बाकी है। एनडीआरएफ की टीम अपना पूरा प्रयास कर रही है, लेकिन उम्मीद बहुत ही कम है।