विन्ध्याचल नाव दुर्घटना: मृत मानकर किया परिजनों का अंतिम संस्कार

नहीं मिली पीड़ित विकास और दीपक की पत्तियां
 
विन्धायतल
घटना के 96 घंटे बाद भी गोताखोर व एनडीआरएफ के हाथ लगी निराशा

विन्ध्याचल, मिर्ज़ापुर: बुधवार को हुई नाव दुर्घटना के पांचवे दिन तक अपने परिजनों के मिलने की आस लेकर बैठे दो पतियों ने आखिरकर अपनी अपनी पत्नियों को मृत समझ ही लिया और उनके छाया रूपी पुतले का दाह संस्कार घटनास्थल अखाडाघाट के पास कर दिया।

बता दें कि घटना में तीन लोगों की पत्नियां नाव सहित पानी मे डूब गई थी, जिसमे से बक्सर निवासी राजेश जिनकी पत्नी खुशबू जिनकी उम्र 30 वर्ष थी को बचा लिया गया और 2 दिन पहले ही दोनों अपने घर वापस लौट चुके थे। लेकिन विकास की पत्नी गुड़िया और दीपक की पत्नी अनीसा जो क्रमशः रांची व जमशेदपुर के रहने वाले है वे इस उम्मीद में अभी तक यहां रूके हुए थे कि शायद गोताखोर व एनडीआरएफ की टीमें उनके डूबे परिजनों के शरीर को पानी से बाहर निकाल लेंगे लेकिन लगभग 96 घंटे बीत जानें के बाद भी उनके ना मिलने से वे पूरी तरह से निराश हो गए और अंत में उन्होंने अपनी पत्नियों को मृत मानकर उनकी छाया स्वरूप पुतला बनाकर दुर्घटना वाले घाट के बगल में ही उनका दाह संस्कार कर दिया।

अब प्राप्त जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार के बाद समस्त पीड़ित व उनके रिश्तेदार विन्ध्याचल धाम से अपने घरों को वापस लौट जाएंगे।

रिपोर्ट- रवि यादव,  जिला संवाददाता
मिर्ज़ापुर ऑफिशियल