अगले आदेश तक बंद रहेगा माँ विंध्यवासिनी मंदिर में वीआईपी दर्शन, बिना मास्क के प्रवेश में दंड भी लगेगा

सोमवार को स्टेट बैंक के पास स्थित प्रशासनिक भवन में विंध्य पंडा समाज और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें यह बात की गई कि, अगले आदेश तक वीआईपी दर्शन एवं चरण स्पर्श प्रतिबंध रहेगा।

 
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लिया गया निर्णय।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: सोमवार को स्टेट बैंक के पास स्थित प्रशासनिक भवन में विंध्य पंडा समाज और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई। यह बैठक काफी महत्वपूर्ण इसलिए थी क्योंकि इस बैठक में कोरोनावायरस, ओमिक्रोन एवं माता वैष्णो देवी मंदिर में जिस प्रकार की भगदड़ मची है और दुर्घटना में जो लोग मारे गए इस बात को मद्देनजर रखते हुए, इसी परिपेक्ष में विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह फैसला हुआ कि, मां विंध्यवासिनी मंदिर में अगले आदेश तक वीआईपी दर्शन एवं चरण स्पर्श पर प्रतिबंध रहेगा।

बिना मास्क के लगेगा दंड:

नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर में प्रवेश करने वाली सभी लोगों को मास्क लगाना महत्वपूर्ण होगा एवं यह जरूरी भी होगा। किसी भी व्यक्ति को बिना मास्क के मंदिर में प्रवेश वर्जित रहेगा। यदि अगर कोई बिना माल मिलता है, तो तीन चरणों में दंड देने की प्रक्रिया भी लागू की जाएगी।

• पहली बार कोई व्यक्ति बिना मास्क के पकड़ा गया तो उसे ₹500 का जुर्माना देना होगा।

• दूसरी बार कोई व्यक्ति पकड़ा गया तो उसे ₹1000 का जुर्माना देना होगा।

• यदि कोई व्यक्ति तीसरी बार पकड़ा गया तो उसे ₹10000 तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

दर्शन का समय:

मंदिर परिसर में किसी प्रकार की भीड़ ना हो और भगदड़ न मचे इसलिए चरण स्पर्श सुबह 5:00 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेगा। भीड़ बढ़ने पर मंदिर के नीचे ही दर्शनार्थियों को रोक दिया जाएगा एवं स्थानीय लोगों को कोविड-19, ओमिक्रोन एवं भगदड़ से बचने की अपील की गई है।

ऐसे में उन्हें यह सलाह दी जाती है कि, वह सुबह 7:00 बजे से 3:00 बजे तक मंदिर में आने से बचें। भीड़ नियंत्रित करने के लिए मंदिर पर झांकी व गलियों में बैरिकेड लगा दिया जाएंगे। इतना ही नहीं वाहन को उचित स्थान पर ही रोकने के लिए प्रबंध किया गया है। यदि किसी व्यक्ति का वाहन सड़क पर इधर-उधर खड़ा हुआ मिला, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी होगी।

पंडा समाज अपने निर्धारित ड्रेस कोड में मंदिर परिसर में मौजूद रहेगा। वहीं बैठक में नगर के कई बड़े अधिकारियों के बीच इस बात पर गंभीर चर्चा हुई और इस फैसले को लिया गया।

काशी विश्वनाथ में भी यही प्रतिबंध:

यह प्रतिबंध केवल मां विंध्यवासिनी के धाम में ही नहीं लगाया क्या बल्कि, काशी विश्वनाथ में भी ऐसे ही कुछ नियम लागू किए गए हैं। माता वैष्णो देवी में जिस प्रकार की भगदड़ मची, उस बात से सभी सचेत हो गए हैं। ऐसे में काशी विश्वनाथ में भी मंदिर में दर्शन करने का समय निर्धारित कर दिया गया है एवं वीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध लगी है। साथ ही सड़क पर वाहन व्यवस्था के लिए कड़े नियम लगाए गए है।