क्या आने वाले चुनाव में परिवार विवाद से पड़ेगा Anupriya Patel को असर?, BJP को कितना घाटा

विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं, इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की स्टार नेत्री अनुप्रिया पटेल (Apna Dal S) के परिवार विवाद से क्या BJP को चुनाव में झटका लगेगा?

 
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माँ-बेटी में चल रहा है पारिवारिक विवाद।


मिर्ज़ापुर, Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव इस बार फरवरी-मार्च के महीने में होंगे।  जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियां अब सक्रिय हो गई हैं एवं चुनाव में किस प्रकार स्ट्रेटजी बनानी है, उसकी तैयारियों में जुट गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में क्या झटका लगेगा? क्योंकि भारतीय जनता पार्टी एवं अपना दल सोनेलाल के गठबंधन को इस बार खतरा नजर आ रहा है। बता दे, अनुप्रिया पटेल "अपना दल सोनेलाल" में  है एवं आने वाले चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ेंगी। अनुप्रिया पटेल को इस बार चुनाव में किसी अन्य नेता-नेत्री से नहीं बल्कि, स्वयं माँ एवं बहनों से चुनाव में कंपटीशन देखने को मिल सकता है। अनुप्रिया पटेल के घर में चल रहे परिवारिक विवाद अब जनता के सामने आ चुका है।

क्या है पारिवारिक विवाद?

अनुप्रिया पटेल और माँ कृष्णा पटेल के बीच पारिवारिक विवाद तब शुरू हुआ, जब अनुप्रिया पटेल के पिता सोनेलाल पटेल एक कार एक्सीडेंट में मारे गए थे। बताया जाता है कि, अनुप्रिया पटेल को भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंत्री चुना गया, जिसकी वजह से उन्हें रोहनिया सीट छोड़ दी। सबको लगा था कि इस रोहनिया सीट पर उनकी माँ कृष्णा पटेल चुनाव लड़ेंगे, बेटी अनुप्रिया उनका प्रचार करेंगी एवं वे चुनाव जीत जाएँगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, अनुप्रिया पटेल की माँ के अनुसार अनुप्रिया ने उनका चुनाव में साथ नहीं दिया जिसकी वजह से वह चुनाव बुरी तरह हार गई।

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इस बात से नाराज होकर माँ कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया पटेल और उनके पति को अपना दल पार्टी से निकाल दिया। पार्टी से निष्काषित होने के बाद अनुप्रिया पटेल और पति ने अपना दल सोनेलाल की स्थापना की, बाद में इस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन कर चुनाव जीता एवं अनुप्रिया पटेल को मंत्री भी चुन लिया गया। अनुप्रिया पटेल की माँ का यह भी आरोप है कि अनुप्रिया के पति परिवार में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। अनुप्रिया पटेल के साथ-साथ माँ ने पल्लवी पटेल और उनके पति पर भी परिवार की संपत्ति को लेकर आरोप लगाए हैं। जिसपर सबसे छोटी बेटी अमन पटेल ने डीजीपी को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी माता की सुरक्षा की मांग की थी।

क्यों पड़ेगा BJP को असर?

विधानसभा चुनाव नजदीक है। कुछ ही महीनों में भारतीय जनता पार्टी अपने प्रतिनिधियों का अनाउंसमेंट भी कर सकती है। अनुप्रिया पटेल भारतीय जनता पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण नेत्री हैं। अनुप्रिया पटेल का बीजेपी से गठबंधन इसलिए जरूरी है, क्योंकि पटेल समुदाय के लोग ज्यादातर अनुप्रिया पटेल को ही अपना वोट देते हैं। ऐसे में अगर अनुप्रिया पटेल के खिलाफ उनकी माँ या बहन चुनाव में उतरती है, तो पटेल समुदाय का वोट भी बट जाएगा। अनुप्रिया बेशक चुनाव जीत जाएँगी, लेकिन उन्हें चुनाव में कांटे की टक्कर मिलेगी एवं चुनाव पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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अनुप्रिया के साथ-साथ पल्लवी पर भी आरोप-

अनुप्रिया पटेल के साथ-साथ माँ कृष्णा पटेल ने दूसरी बेटी पल्लवी पटेल पर भी संपत्ति को लेकर आरोप लगाया, कृष्ण पटेल का मानना है कि वह अपने पति की संपत्ति की एकलौती वारिस है। पल्लवी पटेल ने पिता की संपत्ति, बिना कृष्णा से पूछे अपने नाम की है और वसीयत में भी छेड़खानी हुई है।

अनुप्रिया पटेल फिलहाल मंत्री पद पर हैं एवं आने वाले चुनाव में अगर वह जीतती हैं, तो उन्हें फिर से मंत्री पद संभालने को दिया जा सकता है, इसलिए आने वाला चुनाव अनुप्रिया पटेल और भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।