प्रदूषण नियंत्रण के चलते क्या लग जाएगा मिर्ज़ापुर के पीतल बर्तन उद्योग पर हमेशा के लिए ताला?, पढ़े पूरी रिपोर्ट

मिर्ज़ापुर के पीतल बर्तन उद्योग पर पड़ी प्रदूषण नियंत्रण की मार, हजारों लोग हो सकते हैं बेरोजगार।

 
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50000 लोग हो सकते हैं बेरोजगार 41पीतल बर्तन उद्योग मिलों को बंद करने की नोटिस जारी।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: मिर्ज़ापुर के पीतल बर्तन उद्योग पर प्रदूषण नियंत्रण के मार लगने वाली है। सोमवार को यहां पर एक रोलिंग मिल को सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वोच्च न्यायालय के 2016 आदेश के आधार पर इस रोलिंग मिल को सील किया गया है। वहीं अन्य 41 रोलिंग मिल को भी तत्काल बंद करने की नोटिस पकड़ा दी गई है।

पाँच वर्ष पुराना मामला, अब पकड़ रहा है अपनी रफ़्तार:

बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा तो 2016 में ही इन पीतल बर्तन उद्योग वाली मिलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन 5 सालों से यह मामला लटका हुआ था, लेकिन अब इन मिलों पर ताला लगाने की बारी आ गई है। बताया जा रहा है कि एयर पोलूशन प्रोबेशन एवं कंट्रोल एक्ट की धारा 31ए के अनुसार 42 रोलिंग मिलों को भी बंद किया जाएगा। इतना ही नहीं, उद्योग बंद होने के बाद इन्हें मुहैया कराए जाने वाली सभी सुविधाएं, जैसे कि बिजली कनेक्शन, जलापूर्ति को भी बंद करने का आदेश दिया गया है। पॉल्यूशन अधिनियम को क्रियान्वित करते हुए एवं उसे प्रभावी बनाने की दिशा में आज जांच अभियान के दौरान कमला मेलन जॉब वर्क को भी सील कर दिया गया। क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार पोलूशन अधिनियम के अंतर्गत मानकों को पूरा न करने की वजह से चिन्हित 42 मिलों एवं फर्मों पर भी कार्यवाही की जाएगी।

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मिल बंद करने के बाद नगर मजिस्ट्रेट में अपनी सफाई में यह बयान दिया कि स्वच्छ पर्यावरण सभी का मौलिक अधिकार है। पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले सभी फर्मों पर विधिक एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

हज़ारो लोग बेरोज़गारी के कगार पर:

एक रिपोर्ट के मुताबिक पीतल बर्तन उद्योग से लगभग 50000 श्रमिक जुड़े हुए हैं। अगर यह रोलिंग मिल बंद हो जाती है, तो लगभग 50000 श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे। बताया जाता है कि प्रतिदिन की कमाई यह फिर महीने भर की कम तनखा में यहाँ मजदूर काम किया करते हैं। अगर मिल बंद हो जाएगी तो यह 50000 मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। यह मिल चलती थी, तो इन मजदूरों का घर भी चलता था। लेकिन अब मिल ही बंद हो गई है, तो मजदूरों को भी बेरोजगारी का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली प्रदूषण के कारण उठाना पड़ा ऐसा कदम?

बताया जाता है कि दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण अन्य प्रदेशों में भी पर्यावरण को लेकर सख्ती बरती जा रही है। दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण को लेकर, ऐसे कड़े कदम उठाए गए है एवं 42 रोलिंग मिलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।