मिर्ज़ापुर वायरल: जन विश्वास यात्रा समारोह में प्रियंका पांडे का हुआ विरोध?, वायरल वीडियो आया सामने

विश्वास यात्रा बृहस्पतिवार को मिर्ज़ापुर के लिए रवाना हुए। जहां पर मनोज श्रीवास्तव और रीता बहुगुणा जोशी नेता उपस्थित थे। वहां पर प्रियंका पांडे के स्टेज पर चढ़ना से किसी बात का विरोध हुआ।

 
chinmayanand bapu wife priyanka pandey
पूरे कार्यक्रम में उदास नज़र आई प्रियंका पांडे।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: चुनाव को मद्दे नजर रखते हुए भाजपा द्वारा "जन विश्वास यात्रा" चलाई जा रही है। जिसमें अलग-अलग जिले में जाकर अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में यह जन विश्वास यात्रा देर रात गुरुवार को मिर्ज़ापुर पहुंची जहां पर सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए, यह सभी मिर्ज़ापुर से अच्छा खासा नाता रखते हैं। ऐसे में इस कार्यक्रम में रीता बहुगुणा जोशी, ऊर्जा मंत्री रमाशंकर पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव और कई दिग्गज नेता मौजूद थे। लेकिन ऐसे में एक ऐसा माहौल हुआ, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की नई सदस्य प्रियंका पांडे को निराश देखा गया।

प्रियंका पांडे से नाराज़ हुए नेता-

दरअसल इस जन यात्रा में सभी नेता जनता का संबोधित कर रहे हैं। ऐसे में मंच पर भी कई दिग्गज नेता बैठे थे और जनता का अभिवादन कर रहे थे, तभी स्टेज पर भारतीय जनता पार्टी की नई नेत्री प्रियंका पांडे स्टेज पर चढ़ी। स्टेज पर चढ़ते ही प्रियंका पांडे ने फूल का गुलदस्ता देकर स्वागत करना चाहा। लेकिन जैसे ही स्टेज पर चढ़ी तो कुछ नेता इस बात से नाराज हो गए। वीडियो में देखकर अंदाज़ा लगाया जाता है कि जैसे ही वे स्टेज पर चढ़ी तो कुछ नेता माइक पर बोलते-बोलते गुस्सा हो गए थे और फिर जहां पोडियम लगा रहता है, वहीं पर आप देख सकते हैं कि कुछ लोग नेताजी को समझाते हुए नजर आए।

प्रियंका पांडे को स्वीकार नहीं कर पाया बीजेपी परिवार?

अब मिर्ज़ापुर में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भारतीय जनता पार्टी का परिवार प्रियंका पांडे को पूर्ण रूप से स्वीकार नहीं कर पाया है? ऐसा शायद इसलिए भी हो सकता है क्योंकि कई साल तक प्रियंका पांडे बहुजन समाज पार्टी यानी मायावती की पार्टी की सदस्य रहीं हैं। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आने से ज़ाहिर हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी में आने के बाद कुछ स्थानीय नेता अभी भी उन्हें स्वीकार नहीं कर पाए हैं।

पूरे कार्यक्रम में आप देख सकते हैं कि स्टेज में चढ़ने के बाद प्रियंका सीट पर जाकर बैठ गई और पूरे कार्यक्रम में केवल मायूस एवं हताश नजर आई। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि पार्टी में शायद उनका उनकी ठीक तरह से लोगों से मित्रता नहीं हुई है। हाल ही में प्रियंका पांडे के पति चिन्मयानंद बापू ने भी मिर्ज़ापुर की टिकट से चुनाव लड़ने का फैसला की बात पत्रकारों से कही है। वहीं प्रियंका पांडे ने लिखा है कि अगर मौका मिलेगा तो वे भी नगर विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहेंगी।