गांजा सप्लाई मामले में मिर्ज़ापुर और बिहार के 3 लोग गिरफ़्तार, उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ हो रही सप्लाई

अलीनगर पुलिस ने गांजा सप्लाई करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनके पास गांजा, 2,630 कैश बरामद हुए।

 
image source : cannabis life network


इंनोवा गाड़ी में सवार थे Drugs Suppliers

उत्तर प्रदेश, डिजिटल डेस्क: नशे की आदत सबसे खराब आदत होती है, जो आपके पूरे जीवन तक को बर्बाद कर सकती है। इस आदत से न सिर्फ आप बल्कि आपसे संबंधित लोग भी परेशान हो जाते हैं। नशे के चक्कर में लोग अपनी जिंदगी तक बर्बाद कर देते हैं.
गांजे का नशा सबसे खतरनाक नशा होता है, जिससे सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है, फिर भी लोग नहीं मानते। यह सब चीज सरकार द्वारा बैन है, फिर भी लोग नहीं मानते। इन्हें गांजा सप्लाई करने के लिए कई लोग दो पैसे ज्यादा कमाने के लिए अपनी जान खतरे में डालते हैं। कभी बच जाते हैं, लेकिन अंततः पकड़े जाते हैं। ऐसा ही एक उत्तर प्रदेश का केस हमें सुनने को मिला।

क्या है मामला?

देर रात एक इनोवा गाड़ी शीशे पर काला पट्टा चढ़ाए हुए जा रही थी। जिसपर अलीगढ़ पुलिस को आशंका हुई, पुलिस ने जब गाड़ी को रोकने की कोशिश की तो इनोवा चालक ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी। पुलिस का शक और गहरा हो गया इसके बाद पुलिस ने गांजा सप्लायर को पकड़ लिया। दरअसल, यह 3 लोग छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में गांजा की खेप पहुंचाने जा रहे थे। लेकिन इनकी फूटी किस्मत की इन्हें पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया। यह तीनों अलग-अलग रास्ते से जा रहे थे, कभी वाराणसी होते हुए तो कभी दूसरे मार्ग पर, लेकिन अगली लोकेशन पाने के लिए इन्हें चंदौली इंतजार करने को कहा गया। किसी को इन पर शक न हो इसलिए,वे अलग-अलग सिम कार्ड से फोन करते रहते थे। लेकिन अंततः इन्हें पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया, पुलिस ने जब इन्हें पकड़ा तो इनके पास से लगभग 1 क्विंटल गांजा बरामद हुआ और कुछ लगभग 2630 तक का कैश।

कौन है ये तीन लोग?

पुलिस की पूछताछ के मुताबिक यह तीन लोग उत्तर प्रदेश के मार्ग होते हुए छत्तीसगढ़ गांजा की खेप सप्लाई करने जा रहे थे। इनमें से दो आदमी बिहार के रहने वाले हैं, जिनका नाम सुनील कुमार भारती और अभिषेक मिश्रा है। वहीं तीसरा निवासी मिर्ज़ापुर का सुभाष शर्मा है। जब इन तीनों को पकड़ा गया तो इनके पास 13 बंडलों में 1 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। मोबाइल फोन के अलावा उनके पास 2630 का कैश बरामद हुआ।

क्या था प्लान?

यह तीनों आदमी उत्तर प्रदेश के मार्ग से होते हुए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में गांजा की खेप पहुंचाने जा रहे थे, जिसकी इन्हें जिम्मेदारी मिली थी। उन्हें चंदौली में अगली लोकेशन मिलने का इंतजार करने को कहा गया। इंतजार ही कर रहे थे, तभी अलीगढ़ पुलिस सिंघीताली पुल के पास पहुंच गई, जिसके बाद शक के बिनाह पर इन तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में इन तीनों ने बताया कि वे कई समय से गांजे की तस्करी कर रहे हैं, लेकिन कभी पकड़े नहीं गए। क्योंकि वह पुलिस से बचने के लिए हमेशा luxury cars का इस्तेमाल करते हैं। हर बार चंदौली पहुंचने पर उन्हें अगली लोकेशन मिलती है, लेकिन इस बार लोकेशन मिलने से पहले ही वे पकड़े गए।

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