Prayag Magh Mela 2022: प्रयाग माघ मेले के शुभारंभ से पहले ही मिले और 38 कोरोना संक्रमित मरीज़, प्रवेश के लिए कोविड रिपोर्ट जरूरी

प्रयागराज मेला(Prayag Magh Mela) प्राधिकरण के अधिकारी शेषमणि पांडे के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है और कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों को आइसोलेट कर दिया गया है।

 
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खास बात यह है कि इस मेले में शामिल होने के लिए आपके पास कोरोनावायरस(Corona Virus) की नेगेटिव रिपोर्ट होगी।

Prayagraj, Uttar Pradesh: 14 जनवरी को मकर संक्रांति(Makar Sankranti) का पावन त्यौहार मनाया जा रहा है और प्रयागराज में आस्था डुबकी लगाने की पुरानी परंपरा है। यहां आज देश में कोने-कोने से लोग गंगा में डुबकी लगाने के लिए पहुंचेंगे। लेकिन बुरी खबर यह है कि प्रयाग माघ मेला क्षेत्र में 38 कोरोना मरीज मिले हैं। इसके बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस इलाके में बुधवार तक 29 पुलिसवाले संक्रमित मिले थे, जबकि आज 7 पुलिसकर्मी संक्रमित मिले। नोडल अधिकारी रिशु सहाय के मुताबिक संक्रमण के बढ़ते मामले के बीच आयोजन को लेकर प्रयागराज में बैन नहीं है।

लेकिन कई पाबंदियां सक्रिय कर दी गई है, जैसे जानकारी के मुताबिक आने वाले श्रद्धालुओं को समय-समय पर थर्मल स्कैनिंग करनी होगी। मास्क बांटे जाएंगे और पब्लिक साउंड सिस्टम के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा मेले में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी लोगों का कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके बाद जो लोग वहां 1 महीने तक रुकना चाहते हैं, उनको भी अपनी रिपोर्ट दिखानी होगी।

माघ मेले पर संकट:

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक माघ मेले में आज से लाखों लोग श्रद्धालुओं की रूप में वहां जोड़ने वाले हैं। अनुमान है प्रशासन के लिए कोरोना गाइड लाइन का पालन करना बड़ी चुनौती होगी। संगम तट पर डुबकी लगाने से लेकर कपड़े बदलने तक जन सैलाब के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना नामुमकिन हो जाएगा। ऐसे में समय रहते कोविड-19 का पालन करना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।

प्रयागराज में हलचल लगने वाले मेले में महीने भर के जप,तप ध्यान के लिए तंबुओं की नगर बताई जा रही है और यहां भी कोरोना नियम का पालन करना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। संक्रमण के बढ़ते हुए प्रकोप को देखते हुए लोगों को अब 48 घंटे पुरानी कोरोनावायरस की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना मैंडेटरी होगा।