बंदर की मौत से गाँव में छाया मातम, गाँव वालों ने किया अंतिम संस्कार, सर भी मुंडाया

डालूपुरा गांव में सरपंच अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके गांव में करीब 2 महीने पहले एक बंदर(monkey death) आया था, जो बीमार था। गांव वालों ने उसका इलाज कराया लेकिन वह बच नहीं पाया।

 
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बंदर की मौत के बाद जुटे ग्रामीण, मिलकर किया अंतिम संस्कार।

मध्य प्रदेश, Digital Desk: मध्यप्रदेश में बंदर की मौत चर्चा का विषय बन गई है, इस मौत ने इंसान और जानवरों के बीच अनकहे रिश्ते को बड़ी बखूबी तरीके से बयां किया है। इसने इंसानियत और मानवता की एक अनूठी मिसाल को पेश किया। दरअसल मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh Viral News) के राजगढ़ स्थित एक गांव में बंदर की मौत हो गई थी। इस मौत के बाद गांव वालों ने जो किया वह वाकई प्रशंसा का विषय है। जिसके बाद उस गांव की चर्चा पूरे देशभर में हो रही है।

पूरी घटना:

जालूपुरा गांव में सरपंच अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके गांव में करीब 2 हफ्ते पहले एक बंदर(monkey viral news) आया था, जो काफी बीमार लग रहा था। गांव वालों ने उसका इलाज कराया जिसके लिए वह उसे राजगढ़ लेकर गए थे, लेकिन वह बच नहीं पाया। उस बंदर की मौत से पूरा गांव दुखी हो गया। आप सबको पता है कि हिंदू धर्म में बंदर को हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए उसकी मौत के बाद इंसानों की तरह उसका भी क्रिया कर्म किया गया।

गांव वालों ने बंदर की मौत के बाद इंसानों की तरह उसका कार्यक्रम किया। बंदर के शव की यात्रा निकाली गई और उज्जैन से ले जाकर हिंदू रीति रिवाज में उसका अंतिम संस्कार किया गया। तीसरा का भी कार्यक्रम हुआ, जिसके बाद गांव वालों ने अपना सर मुंडन करवाया और उसकी अस्थियों को ले जाकर शिप्रा नदी में विसर्जित किया। इसके बाद ग्यारहवी एवं तेरही का कार्यक्रम भी किया गया।

इतना ही नहीं एक गांव वालों ने शांति भोज भी कराया। इसके बाद बंदर की मौत के बाद गांव वालों ने मिलकर शांति भोज का आयोजन कराया। दावा किया जा रहा है कि इसमें हजारों लोग शामिल थे। इस कार्यक्रम में कढ़ी, सेव पूरी, जांच का प्रसाद गांव वालों ने बाटा।