राजस्थान में बाल विवाह का होगा रजिस्ट्रेशन, विधानसभा में विधेयक भी पास, पढ़े पूरी खबर

विधानसभा में बाल विवाह का कानून पास कर दिया गया है। जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए इसे काला कानून कहाँ है।

 
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बाल विवाह का होगा रजिस्ट्रेशन विधानसभा में विधेयक हुआ पास।


राजस्थान, डिजिटल डेस्क: राजस्थान में बाल विवाह का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद विपक्ष के कड़े विरोध पर मंत्री धारीवाल जी ने जवाब देते हुए कहा कि, रजिस्ट्रेशन का मतलब यह नहीं है, बाल विवाह वैलिड होगा। बल्कि इसका मतलब यह है कि बाल विवाह करने पर अब पड़े कार्यवाही होगी।

इस बिल के प्रावधान पर भारतीय जनता पार्टी ने विरोध किया। जिसके तहत अब राजस्थान में विवाह करने वाले अगर माइनर हो तो, उनके विवाह का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा, यानी प्रदेश में अब बाल विवाह का रजिस्ट्रेशन होगा लेकिन माता-पिता को 30 दिन पहले इसकी सूचना सार्वजनिक करनी होगी।

दरअसल संसदीय मंत्री शांति धारीवाल ने जवाब दिया कि, यह विदेश लेने की बड़ी ही साधारण वजह है। मैरिज रजिस्ट्रेशन का पंजीकरण कानून 2009 के बाद जिलाधिकारी ही शादी में का पंजीयन कर सकते थे। लेकिन अब जिलाधिकारी और ब्लॉक अधिकारी को भी इस मुहिम में जोड़ दिया गया है। विपक्ष ने इस कानून के पास होते ही इसे काला कानून करार दिया। लेकिन उसके बाद कार्य मंत्री ने पूर्ण रूप से स्पष्टीकरण दिया।

आगे कार्य मंत्री ने कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट एक लीगल डॉक्यूमेंट होता है। उसके अभाव में कई बार विधवा महिला को राज्य सेवाओं नहीं मिल पाती हैं। इसीलिए रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है, ताकि सबको इसका बेनिफिट मिल सके।