वाराणसी: मणिकर्णिका घाट पर चिताओं के ऊपर दिखी हैरान कर देने वाली आकृति

BHU के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर वीएन मिश्रा ने यहां जलती चिताओं की दो तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद किया
 
Vijaya Nath Mishra
डॉक्टर मिश्र ने कहा कि मैं वैज्ञानिक नजरिये से इसे नहीं देखता, मैं लोगों से कहूंगा कि वह बताएं यह क्या है?

वारणसी, डिजिटल डेस्क: महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर बीते बुधवार को जलती चिताओं के ऊपर से अनोखी आकृतियां देख हर कोई हैरान है। मान्यताओं के अनुसार मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार जिसका होता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इसके साथ एक रोचक तथ्य भी इस जगह के नाम से जुड़ा हुआ है कि पूरी दुनिया में यह पहला ऐसा घाट है जहां चिताएं 24 घंटे जलाई जाती हैं। इतना ही नहीं बल्कि नगर वधुएं भी यहां चिता भस्म के साथ होली खेलती हैं। 

06 अक्टूबर 2021 बुधवार को आईएमएस BHU के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर वीएन मिश्रा ने यहां जलती चिताओं की दो तस्वीरों को अपने कैमरे में न ही केवल कैद किया बल्कि उन्होंने उसे अपने ट्विटर पर शेयर करते हुए अपने ट्वीट में प्रो. मिश्र ने लिखा है कि "जब भी मैने घाट वॉक पर मणिकर्णिका महातीर्थ के फोटो लिया तो कुछ ना कुछ अलग ही दिखा"। उन्होंने एक तस्वीर पिछले साल की डाली है और दूसरी मंगलवार रात की खींची हुई है। 
 


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कुछ लोग कहते हैं कि फास्फोरस है तो कुछ लोग लाइट की चमक बताते हैं। कुछ लोग परालौकिक भी कहते हैं, सच्चाई यही है कि लोग इसके बारे में ठीक-ठीक नहीं जानते लेकिन चिताओं के ठीक ऊपर कोई चीज दिखती जरूर है।

साथ ही यह भी कहते हैं कि हर जगह विज्ञान नहीं चलता डॉक्टर मिश्र ने बातचीत में बताया कि "हर जगह विज्ञान नहीं चलता, मैं हूं तो वैज्ञानिक, एक डॉक्टर। यह कहना सबसे आसान है कि वह लाइट की परछाई है। लेकिन यह असलियत है कि अलग-अलग आकृतियां दिखती हैं। कई लोगों की इस पर थ्योरी अलग अलग है। कुछ लोग कहते हैं कि हड्डियों में फास्फोरस होता है। वह जब बाहर निकलता है तो तरह-तरह के आकार बनाता है।

वहीं कुछ लोग कहते हैं कि कार्बन मोनो ऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड का मिक्सर नियोन की तरह चमकता है। तो कई लोग कहते हैं कि आप जब फोटो लेते हैं तो लाइट की परछाईं आती है। 

स्थानीयों की माने तो उनका कहना है कि हमने भी आकृतियां देखी हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों ने इसका डॉक्यूमेंटेशन नहीं किया। यानी जितने मुंह उतनी बातें हैं। मेरी दो तस्वीरें ऐसी हैं जिनमें आकृतियां साफ दिखाई देती हैं। पिछले साल वाली तस्वीर में ऐसा लगता है जैसे दो लंबी भुजाएं किसी चीज को ऊपर उठा रही हैं। वहीं कल मंगलवार रात वाली तस्वीर में भी अलग तरह की आकृति साफ दिखती है।

डॉक्टर मिश्र ने कहा कि मैं वैज्ञानिक नजरिये से इसे नहीं देखता, मैं लोगों से कहूंगा कि वह बताएं यह क्या है?