Mirzapur-Vindhyachal News: भक्त ने मां विन्ध्वासिनी को 101 किलों का चांदी का द्वार किया भेंट

खास बात यह है कि चांदी का द्वार राजस्थान में निर्माण कराया गया है, राजस्थान के झुंझुनू में रहने वाले 5 कारीगरों ने इसे बनाकर तैयार किया है।

 
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राजस्थान में बना चांदी का द्वार.


मिर्ज़ापुर, Digital Desk: मिर्ज़ापुर (MIRZAPUR) में विंध्याचल-धाम विश्व प्रसिद्ध है। यहां पर दूर-दराज से लोग आते है और माता से अपनी मनोकामना मानते है। माता की कृपा और आशीर्वाद से बड़े-बड़े काम आसानी से हो जाते हैं। इसीलिए लोगों की माता के प्रति जबरदस्त श्रद्धा एवं भक्ति है। ऐसे में झारखंड के रांची में रहने वाले एक भक्त संजय चौधरी ने बीते दिनों चांदी से बना हुआ 101 किलों का दरवाजा मां विंध्यवासिनी के धाम में दान दिया। जिसे गुरुवार के दिन मंदिर में लगाया गया और भक्तों ने इसे माता रानी की कृपा बताते हुए कहा कि, यह सब माता के आशीर्वाद का फल है। विधि-विधान के साथ चांदी का द्वार रांची के रहने वाले भक्तों ने माता विंध्यवासिनी के दरबार अर्पित किया।

राजस्थान में बना चांदी का द्वार:

खास बात यह है कि चांदी (Ranchi man donates Chandi gate to Vindhwasini Temple) का द्वार राजस्थान में निर्माण कराया गया है। राजस्थान के झुंझुनू में रहने वाले 5 कारीगरों ने इसे बनाकर तैयार किया है। बताया जा रहा है कि यह द्वारा मां विंध्यवासिनी के दरबार के प्रथम द्वार पर लगाया गया है। चांदी के दरवाजे की कीमत लगभग 80 लाख रुपए के आसपास है।


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यह दरवाजा 25 फीट लंबा है और 2 फीट चौड़ा है। गुरुवार के दिन विधि विधान से इस द्वार को लगवाया गया है। इसके पहले पूर्व में यह द्वार पीतल से बना हुआ था। रांची के भक्तों ने बताया कि वह पिछले 25 साल से आ रहे हैं और बीते नवरात्रि के दौरान ही उन्होंने यह संकल्प लिया था कि वह माता के आशीर्वाद से चांदी का द्वार लगवाएंगे।