ख़बर मिर्ज़ापुर: शादी में बजा डीजे,तो काज़ी साहब ने निकाह पढ़ाने से किया इनकार

मिर्ज़ापुर में एक मुस्लिम संगठन ने यह फैसला लिया है कि अगर निकाह में डीजे बजेगा तो काजी साहब निकाह नहीं पढ़ाएंगे।

 
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इस्लाम अमन और भाईचारे वाला मज़हब है, इसमें शोर-शराबा करना मना है।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: मिर्ज़ापुर की इलियट घाट स्थित मदरसा अरबिया में रविवार को मरकज़ी सुन्नी ज़मीअते उलमा-ए-हिन्द के तत्वावधान में मुस्लिम धर्मगुरुओं मस्जिदों के इमाम साहब एवं अन्य लोगों की बैठक हुई। बैठक में शादी का मुद्दा उठा इस मुद्दे में यह फैसला लिया गया कि शादी के अवसरों पर डीजे बजाने वालों पर सख्त पाबंदी लगाने का निर्णय लेना चाहिए। मीटिंग में यह तय हुआ कि जो लोग यह निर्णय नहीं मानेंगे उनकी शादी में काज़ी निकाह नहीं पढ़ाएंगे। कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि के तौर पर मोहम्मद परवेज खान ने बताया कि इस्लाम एक शांतिप्रिय एवं भाईचारे वाला मजहब है। ऐसे में इस में शोर-शराबा करना सख्त मना है। इसलिए हमें ऐसा नहीं करना चाहिए और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकना चाहिए।

पैग़म्बर साहब:

उसी कार्यक्रम में मौजूद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना नसीम अली ने बताया कि पैगंबर साहब ने ऐसा किसी भी काम करने को मना किया है, जिसमें मगरिबी सभ्यता की झलक दिखाई दे। साथ ही दहेज मांगना, खड़े होकर भोजन करना एवं आतिशबाजी करना हराम है। इसलिए जहां जहां यह बुराइयां फैली हैं हमें उन्हें समझाना होगा।

पहले रुक चुकी है कई सारी शादियां:

आज से कुछ साल पहले कानपुर में इसी तरह की मुस्लिम विवाह में डीजे एवं शोर-शराबा हो रहा था। जिसके बाद वहां निकाह पढ़ाने वाले काजी साहब ने निकाह पढ़ने से मना कर दिया था। ऐसे में वहां उन्हें किसी तरह समझाया गया था। अन्य जगहों पर भी ऐसा हो चुका है, शादी में डीजे बजने की वजह से निकाह पढ़ाने से मना कर दिया गया था। इसलिए कमेटी ने इस पर फैसला लेने का विचार किया है।