बेमौसम बरसात ने किया मिर्ज़ापुर निवासियों का बुरा हाल, भीषण ठंड से हो रहा है नुकसान

पश्चिमी विक्षोभ चलते शनिवार की रात और रविवार को दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। जिससे तापमान में और गिरावट आ गई है।

 
image: india news
बारिश के चलते शहर से जुड़ी ग्रामीण सड़कें कीचड़ से लतपत।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: बारिश के चलते बढ़ी ठंड से सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा गया है। दिन चढ़ने तक लोगों को घर के बाहर निकलते हैं(Mirzapur Weather), लेकिन शाम होते-होते रजाई में या फिर अलाव के सामने बैठे नजर आ रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर ठंड से लोग बेहाल हो रहे हैं। रेलवे एवं बस स्टेशन के साथ ही चौराहों और चौराहों पर अलाव की समुचित प्रबंध ना होने की वजह से यात्री सहित राहगीर ठंड से ठिठुरते नजर आए। शहर(Mirzapur) से जुड़े कन्नौराघाट-रमईपट्टी, वीरशाहपुर-सखौरा सहित रीवा-मिर्ज़ापुर मार्ग से जुड़े ईटवा टांडाफाल मार्ग भुजवा चौकी से डीआईजी कार्यालय मार्ग के अलावा अन्य रास्ते कीचड़ से सने रहे। जिससे राहगीरों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

विस्तार:

सड़कों पर बड़ी फिसलन से चलते कई बाइक सवार गिरकर(Mirzapur Rain) चोटिल हुए। सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते शीतलहर से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चट्टी, चौराहा तथा बाजारों में सन्नाटा छा गया है। बाजार आदि में काफी कम संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं। वर्षा एवं ठंड के कारण सबसे ज्यादा परेशानी में वासियों को हो रही है। हलिया क्षेत्र में हुई बारिश से पशु पालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही शेरवा क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलने के बाद इलाके में दोपहर के बाद कुछ देर के लिए हल्की बूंदाबांदी की वजह से ठंड में इजाफा हो गया है। दिन भर धूप नहीं रही, जिसकी वजह से आम जनमानस सहित पशु पक्षी ठिठुरते रहे।

खराब मौसम एवं ठंड के कारण मिर्ज़ापुर(Mirzapur News)के किसानों को भी काफी नुकसान हुआ। मिर्ज़ापुर जिले में हुई बरसात से धान नियाग्रा केंद्रों में हजारों कुंतल धान भीग गई।

क्षेत्र में शनिवार और रविवार को इतनी तेज आंधी तूफान एवं बारिश हुई इसके चलते कोटाधार फील्डर पर 11000 बोर्ड का विद्युत तार देव घटा पांडे गांव में टूट कर गिर गया। इसके चलते देव घटा पांडे सहित कई गांव में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। यह संजोग ही था कि, 11000 वोल्टेज के बिजली के तार गिरने से कोई भी हादसा नहीं हुआ। केबल का तार जिस समय टूट कर गिरा उस समय बिजली सप्लाई नहीं थी। तार गिरने की घटना से कोटा घाट के साथ अथवा एवं अन्य क्षेत्र की बिजली प्रभावित रही। जिसके चलते गांव में लगभग 12 घंटे तक अंधेरा पसरा रहा।