बीजेपी में शामिल होने के बाद मिर्ज़ापुर माता विंध्याचल के धाम पहुंची प्रियंका पांडे, कह डाली यह बड़ी बात

कथावाचक स्वामी चिन्मयानंद बापू की पत्नी प्रियंका पांडे ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और मिर्ज़ापुर जिले में इसके बाद सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है।

 
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि, प्रियंका के आने के बाद अब किसका टिकट कटेगा।

मिर्ज़ापुर, Digital Desk: कथावाचक स्वामी चिन्मयानंद बापू की पत्नी प्रियंका पांडे हैं। जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली है और अब मिर्ज़ापुर के सियासी गलियारों में अब हलचल तेज होने लगी है। सबसे चर्चा का विषय तो यह बना हुआ है कि प्रियंका के आने के बाद अब किसका टिकट कटेगा। दरअसल, इसके पहले मायावती की पार्टी ने प्रियंका पांडे को 2014 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी। लेकिन आखिरी समय में उन्हें टिकट नहीं दिया था।

प्रियंका पांडेय?

वैसे देखा जाए तो प्रियंका पांडे राजनीति में पुरानी नहीं है। वह मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी की सदस्य रह चुकी हैं। राजनीति का उन्हें अनुभव भी है और अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का हाथ थामा है। प्रियंका पांडे संत श्री चिन्मयानंद बापू की धर्मपत्नी है। इतना ही नहीं विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है। पूर्वांचल प्रभावी प्रियंका पांडे ने तो बुधवार को लखनऊ में स्वतंत्र देव सिंह की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है। सदस्यता समारोह के दौरान उन्होंने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रभक्ति और राम भक्ति से देश को उन्नति की राह मिली है। ऐसे में उनकी नीतियों से प्रभावित होकर, उन्होंने बीजेपी परिवार में शामिल होना बेहतर समझा।

पार्टी का फ़ैसला सर्वोपरि:

2014 लोकसभा चुनाव में आप जानते ही हैं क्या हुआ था। मायावती ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार तो किया था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें टिकट नहीं मिला था। ऐसे में अब बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि, चुनाव लड़ने का इरादा तो नहीं है, लेकिन अगर पार्टी कहेगी तो चुनाव भी लड़ सकती हैं। खास चर्चा का विषय बना है कि प्रियंका के बीजेपी में शामिल होने के बाद मिर्ज़ापुर के किस राजनेता का टिकट कटेगा यह देखने लायक होगा।

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माँ विंध्यवासिनी का आशीर्वाद लिया:

प्रियंका पांडे ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन किया और वहां से पत्रकारों को यह बताया कि अगर पार्टी कहेगी तो वह मिर्ज़ापुर में चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है। इसके पहले भी वह कई सालों से जनता के लिए काम करती आ रही है, उसी में यह एक और कड़ी सही। भारतीय जनता पार्टी से जुड़ कर उन्होंने बताया कि वह सेवा करना चाहती हैं। भारतीय जनता पार्टी को उन्होंने इसलिए चुना क्योंकि वह जनता के अधिक निकट है।