महिलाओं से छेड़छाड़ करता था यह बंदर, कानपुर में मिली मिर्ज़ापुर के बंदर को उम्रकैद की सज़ा

मिर्ज़ापुर के 1 बंदर को कानपुर में उम्र कैद की सजा सुनाई गई  क्योंकि यह बंदर औरतों से छेड़छाड़ करता था।

 
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महिलाओं के पास जाकर निकलता था अज़ीब आवाज़।


मिर्ज़ापुर, Digital Desk: देश की अदालतों में पता नहीं कितने लाखों केस पेंडिंग है। लेकिन एक बंदर का केस आनन-फानन में तुरंत निपटा दिया गया और इस बंदर को कानपुर में उम्र कैद की सजा सुना दी गई। बंदर को सलाखों में कैद नहीं किया गया है, बल्कि वह कानपुर के एक चिड़ियाघर की सलाखों में कैद है और अब उसे अपना पूरा जीवन यही बिताना होगा। यह बंदर बड़ा ही शरारती था यह अब तक कई सारे लोगों को काट चुका है। इतना ही नहीं यह महिलाओं के साथ छेड़छाड़ भी करता था, जिसके चलते बंदर को ताउम्र इस पिंजरे में कैद किया गया है।

250 लोगों को काट चुका है बंदर:

इस बंदर की शरारत इतनी खराब थी कि यह लगभग 250 लोगों को काट चुका है। 250 लोगों को काटने के बाद भी जब बंदर थम नहीं रहा था और आए दिन कोई न कोई इस बंदर का शिकार हो रहा था। इसीलिए इस बंदर को रोकना काफी जरूरी हो गया था।

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महिलाओं से छेड़खानी:

यह बंदर केवल लोगों को काटता नहीं था, बल्कि महिलाओं को छेड़ता भी था। यह बंदर उन महिलाओं के पास जाकर अजीब आवाज निकालता था और उन्हें पकड़ने की कोशिश करता था। कई बार इलाज करने के बाद भी बंदर नहीं सुधरा। 4 साल से इस बंदर का लगातार डॉक्टर लोग इलाज कर रहे थे। इस बंदर को कई समय तक आइसोलेशन में भी रखा गया था। इसे कई समय तक पिंजड़े में कैद किया गया था, लेकिन इसके व्यवहार में किसी प्रकार की नरमी या सुधार देखने को नहीं मिला, जिसके चलते अब इसे ताउम्र पिंजड़े में कैद करने का फैसला लिया गया है।

कलुआ का आतंक:

इस बंदर का नाम कलुआ रखा गया है और कानपुर प्राणी उद्यान में इसका इलाज चल रहा है। 2017 में कलुआ को मिर्ज़ापुर से पकड़कर यहां लाया गया था। मिर्ज़ापुर में अंदर आतंक मचा चुका था आए दिन किसी को काट लेता था। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करता था, ऐसे में यह वहां के लोगों के लिए खतरा बन चुका था। किसी तरह इसे पकड़कर यहां लाया गया था।

तांत्रिक ने पाला और बिगाड़ा:

बताया जाता है कि यह बंदर इसलिए इतनी उत्पात मचाता है, क्योंकि इसे एक तांत्रिक ने पाला था। तांत्रिक ने ही इसे शराब की लत भी लगा दी थी। तांत्रिक जब मर गया तो यह बंदर आज़ाद हो गया था और फिर उसने तांडव मचाना शुरू किया। इलाज के 4 साल बाद भी बंदर में कोई सुधार नहीं आया इसलिए अब उसे उम्र कैद की सजा सुना दी गई है। बंदर को जंगल में भी छोड़ना खतरा है क्योंकि वहां जाकर भी वह लोगों को नुकसान पहुंचाएगा। इसलिए ऐसे में इसे पिंजरे में रखना ही सुरक्षित होगा।